Raebareli Aditya Murder Case: रायबरेली जिले के बहुचर्चित रवि उर्फ आदित्य हत्याकांड में मंगलवार को जनपद न्यायालय ने छह साल बाद बड़ा फैसला सुनाया. अदालत ने मामले में 14 अभियुक्तों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है. सजा पाने वालों में समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी आरपी यादव, सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव समेत अन्य आरोपी शामिल हैं. वहीं, अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दो आरोपियों रामकृष्ण यादव और अभितेज प्रताप सिंह को दोषमुक्त कर दिया.

2019 में सोमू ढाबे पर हुआ था विवाद

यह पूरा मामला 9 अक्टूबर 2019 की रात का है. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रवि उर्फ आदित्य सोमू ढाबे पर खाना खाने गया था. इसी दौरान वहां किसी बात को लेकर विवाद हुआ. आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया और बाद में आदित्य की हत्या कर दी गई. घटना के बाद रायबरेली में काफी हंगामा हुआ था. मामला सुर्खियों में आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कई लोगों को आरोपी बनाया. जांच पूरी होने के बाद कुल 16 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया.

13 गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 13 गवाह पेश किए गए. लंबे समय तक चली सुनवाई में गवाहों के बयान और मामले से जुड़े साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा गया. इन्हीं साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने 16 आरोपियों में से 14 को दोषी माना. अदालत ने रामकृष्ण यादव और अभितेज प्रताप सिंह को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दोषमुक्त कर दिया. वहीं, बाकी 14 दोषियों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.

आरपी यादव समेत इन आरोपियों को उम्रकैद

अदालत से सजा पाने वालों में सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव, उनके बेटे आर्किट यादव उर्फ सोमू, भाई रमेश यादव, ढाबा कर्मचारी लवकुश तिवारी, हर्षित वर्मा, आरपी यादव, सौरभ और मानू बारी समेत अन्य आरोपी शामिल हैं. फैसला सुनाए जाने के बाद अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. सभी दोषियों को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल भेज दिया गया.

राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा में रहा आरपी यादव का नाम

इस मामले में आरपी यादव का नाम आने के बाद से यह हत्याकांड राजनीतिक रूप से भी चर्चा में रहा. आरपी यादव रायबरेली की राजनीति में समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं. वह सदर विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं. स्थानीय राजनीतिक हलकों में आरपी यादव की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से नजदीकी को लेकर भी चर्चा होती रही है.

उन्होंने विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह को चुनौती दी थी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। ऐसे में अदालत से उम्रकैद की सजा मिलने के बाद रायबरेली की राजनीति में भी इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि, अदालत का फैसला मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर आया है.

सजा के बाद आरपी यादव ने सरकार पर लगाए आरोप

अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद आरपी यादव ने सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि उन्हें उच्च न्यायालय पर पूरा भरोसा है और वह जल्द ही जेल से बाहर आएंगे. आरपी यादव ने यह भी कहा कि बाहर आने के बाद वह चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि वह रायबरेली के विधायक और एमएलसी की साजिश का शिकार हुए हैं.

हाई कोर्ट में अपील का रास्ता खुला

जिला अदालत के फैसले के बाद दोषियों के पास ऊपरी अदालत में अपील करने का कानूनी विकल्प मौजूद है. आरपी यादव के बयान से भी संकेत मिला है कि वह जिला अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी में हैं. करीब सात साल पुराने इस चर्चित हत्याकांड में आए फैसले के बाद अब दोषियों की सजा और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी. वहीं, दो आरोपियों के बरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी जारी रह सकती है.