‘मैं​ कोई चुन्नू-मुन्नू अफसर नहीं हूं’, गुरुग्राम में कब्जा हटाने पहुंचे अधिकारी से भिड़ा शख्स, वीडियो वायरल

गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में अतिक्रमण हटाने के दौरान डीटीपी इंफोर्समेंट के नोडल अधिकारी आरएस भाठ और एक स्थानीय व्यक्ति के बीच तीखी बहस हो गई. इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में अधिकारी स्थानीय व्यक्ति के सवालों का जवाब देते हुए नाराज नजर आ रहे हैं. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘आपको लगता है मैं अनपढ़ हूं?’ अधिकारी ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने की भी बात कही.

दरअसल, डीटीपी इंफोर्समेंट की टीम अशोक विहार फेज-2 में अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी. टीम बुलडोजर के जरिए सड़क और नाले के आसपास किए गए कब्जे हटाने में जुटी थी. इसी दौरान एक स्थानीय व्यक्ति ने कार्रवाई और अनुमति को लेकर अधिकारी से सवाल करना शुरू कर दिया.

250 शेड तोड़े हैं, गिनती कर लो
बहस के दौरान स्थानीय व्यक्ति ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर निजी लाइन पर भी कुछ बनाया गया है तो उसे वहां से क्यों हटाया जा रहा है. इस पर अधिकारी ने कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि अब तक करीब 250 शेड और दूसरे निर्माण हटाए जा चुके हैं. अधिकारी ने कहा कि कई लोगों ने लंबे समय से सरकारी जमीन पर कब्जा कर वहां बाउंड्री और दूसरे निर्माण कर रखे हैं. उन्होंने कहा कि कार्रवाई सड़क और सरकारी जमीन से जुड़े कब्जों को हटाने के लिए की जा रही है.

मैं कानून के हिसाब से ही कार्रवाई कर रहा हूं
बहस के दौरान स्थानीय व्यक्ति ने विज्ञापन से जुड़ी अनुमति का सवाल उठाया. इस पर अधिकारी ने कहा कि अगर किसी तरह का विज्ञापन लगाया गया है तो उसकी अनुमति दिखानी होगी. उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वह संबंधित डीटीपी अधिकारी से बात करेंगे और नियम के मुताबिक चालान भी कराया जा सकता है. अधिकारी ने साफ कहा कि वह किसी के दबाव में काम नहीं कर रहे हैं और कानून के हिसाब से ही कार्रवाई की जा रही है.

मैं कोई चुन्नू-मुन्नू अफसर नहीं हूं
वीडियो में अधिकारी स्थानीय व्यक्ति के सवालों से नाराज होते हुए कहते हैं कि वह इस शहर की व्यवस्था के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने कहा, ‘मैं कोई चुन्नू-मुन्नू अफसर नहीं हूं.’ अधिकारी ने नाले के आसपास बने रैंप और दूसरे कब्जों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कब्जों की वजह से पानी की निकासी प्रभावित होती है और बारिश के दौरान इलाके में पानी भरने की समस्या बढ़ती है.

सरकारी जमीन पर कब्जा मिला तो भारी जुर्माना लगेगा
बहस के दौरान अधिकारी ने सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर सख्त चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अगर किसी ने सरकारी जमीन पर बोर्ड या दूसरा निर्माण कर रखा है तो नियम के मुताबिक उस पर जुर्माना लगाया जाएगा. उन्होंने यहां तक कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जे के हिसाब से एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. अधिकारी ने स्थानीय व्यक्ति से कहा कि पहले मौके पर जाकर देखें कि सड़क और नाले के आसपास कितने कब्जे हैं और उनकी वजह से लोगों को किस तरह की परेशानी हो रही है.