
डिजिटल डेस्क। उत्तर भारत में बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। हाल तक जहां हल्की बारिश और ठंडक महसूस की जा रही थी, अब भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश की गतिविधियां थम चुकी हैं और तापमान में तेजी से इजाफा देखने को मिलेगा। फरवरी में ही कई इलाकों में सामान्य से ज्यादा तापमान दर्ज किया गया है। दिल्ली में पारा 31.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जो इस समय के लिए असामान्य माना जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में साफ मौसम, बढ़ेगी गर्मी
18 फरवरी को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिली थी। हालांकि 19 फरवरी से आसमान साफ हो गया है और अगले कुछ दिनों तक बारिश की कोई ठोस संभावना नहीं है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी हिस्सों में अगले एक सप्ताह में अधिकतम तापमान 3-4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री तक बढ़ सकता है। फरवरी में ही इस तरह की गर्माहट से प्री-मानसून जैसी स्थिति का एहसास होने लगा है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर सीमित
हालिया पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ चुका है और इसका प्रभाव मुख्यतः पहाड़ी क्षेत्रों तक सिमट गया है। मैदानी इलाकों में शुष्क और गर्म मौसम ने वापसी कर ली है। इस बीच दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘पुअर’ श्रेणी में बना हुआ है, हालांकि आने वाले दिनों में इसमें सुधार की संभावना जताई जा रही है। वहीं दक्षिण भारत के कुछ राज्यों, जैसे तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
एमपी के 17 जिलो में बारिश
मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर, सागर, रीवा और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओले गिरने की संभावना है।