एक्सरसाइज के बाद मसल्स को रिलेक्स करने के लिए क्या पीना चाहिए, ये हर्बल ड्रिंक करते हैं मांसपेशियों की मरम्मत​

News Just Abhi आज के फिटनेस को लेकर लोग काफी जागरुक हो चुके हैं। मोटापा कम करने के लिए लोग जिम और योग का सहारा ले रहे हैं। जिम में हैवी एक्सरसाइज के बाद मसल्स को रिलेक्स देना भी जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार, हीलिंग टेम्पररी नहीं होनी चाहिए, बल्कि परमानेंट हीलिंग के तरीकों पर आपको फोकस करना चाहिए। मसल्स को रिलेक्स करने के लिए बाजार में मिलने वाले केमिकल ड्रिंक से बेहतर है कि आप कुछ हर्बल और आयुर्वेदिक ड्रिंक पीएं। इससे शरीर को ताकत मिलेगी और नैचुरली बॉडी हील होगी। जानिए मांसपेशियों को रिलेक्स करने के लिए क्या पीएं।

एक्सरसाइज के बाद मसल्स को रिलेक्स करने के लिए क्या पीना चाहिए, ये हर्बल ड्रिंक करते हैं मांसपेशियों की मरम्मत​
एक्सरसाइज के बाद मसल्स को रिलेक्स करने के लिए क्या पीना चाहिए, ये हर्बल ड्रिंक करते हैं मांसपेशियों की मरम्मत​

आयुर्वेद में मांसपेशियों की रिकवरी क्यों है जरूरी?

आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा ने बताया, आयुर्वेद का दावा है कि किसी भी तरह की जोरदार कसरत से शरीर में वात बढ़ सकता है, जिससे अकड़न, थकान, जोड़ों में दर्द और यहां तक कि मांसपेशियों में कमजोरी भी हो सकती है। केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स से भरे आर्टिफिशियल स्पोर्ट्स ड्रिंक्स के उलट, आयुर्वेदिक ड्रिंक्स नैचुरल हाइड्रेशन और पाचन पर ज़ोर देते हैं। जो कि मांसपेशियों की रिकवरी के लिए बहुत जरूरी हैं।

मांसपेशियों को कैसे रिलेक्स करें?

नारियल पानी नारियल पानी एक नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक है। फिजिकल एक्टिविटी के बाद रिकवरी के लिए नारियल पानी को सबसे अच्छा माना जाता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम, पोटेशियम और इलेक्ट्रोलाइट्स पसीना आने के बाद आपको हाइड्रेट करते हैं। एक्सरसाइज के बाद शरीर के तापमान को कम करने और थकान दूर करने में असरदार है।

हल्दी वाला दूध हल्दी वाला दूध सूजनरोधी गुणों से भरपूर पेय है और इसलिए दर्द कम करने और ऊतकों की मरम्मत में सहायक है। आप अपने पसंदीदा दूध में थोड़ी हल्दी मिलाकर इसे तैयार कर सकते हैं। आयुर्वेद हल्दी को एक प्राकृतिक बॉडी क्लीनर और मांसपेशियों की रिकवरी के लिए उत्तेजक के रूप में सुझाता है।

आंवला का रस आंवला विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। यह शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है, ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। सुबह के समय आंवला का रस पाचन और चयापचय को बढ़ावा देने के लिए अच्छा होता है।

अश्वगंधा पेय अश्वगंधा आयुर्वेद के सबसे शक्तिशाली टॉनिकों में से एक है। इसे गर्म दूध या गर्म पानी के साथ लेने से तनाव हार्मोन का उत्पादन कम करने, मांसपेशियों की रिकवरी में मदद करने और मांसपेशियों के निर्माण में सहायता मिल सकती है। ये उन एथलीटों के लिए बहुत अच्छा है जो थका हुआ महसूस करते हैं और जिनकी मांसपेशियों की रिकवरी धीमी होती है।

अदरक और नींबू पानी अदरक रक्त प्रवाह बढ़ाता है और सूजन से लड़ता है, जबकि नींबू हाइड्रेशन और डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करता है। यह मिश्रण मांसपेशियों को आराम देता है और व्यायाम के बाद पाचन में सुधार करता है।

मीठे एनर्जी ड्रिंक्स से बचें?

बाजार में मिलने वाले एनर्जी ड्रिंक्स में अक्सर बहुत अधिक चीनी, कृत्रिम रंग और उत्तेजक पदार्थ होते हैं, जो अस्थायी रूप से तो ऊर्जा देते हैं, लेकिन लंबे समय में पाचन पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। आयुर्वेद में ताजे जूस और पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

रिकवरी के लिए क्या है जरूरी?

आयुर्वेद में मांसपेशियों की रिकवरी के लिए खाने के अलावा पर्याप्त नींद, हाइड्रेशन, तनाव कम करना और सही व्यायाम पर ध्यान दिया जाता है। योग, स्ट्रेचिंग, अभ्यंग तेल मालिश और ध्यान भी मांसपेशियों की रिकवरी और बर्नआउट की रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं।’

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