भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी अब SUV सेगमेंट में बड़ा दांव लगाने की तैयारी कर रही है. कंपनी अगले पांच साल में भारत में 7 नई SUV लॉन्च करने की योजना बना रही है. इसका मकसद तेजी से बढ़ रहे SUV बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना है. मारुति सुजुकी ने अपनी Annual Integrated Report 202526 में यह जानकारी दी है. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO हिसाशी ताकेउची ने बताया कि भविष्य की ग्रोथ को देखते हुए कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना को तेज किया है.

कंपनी के मुताबिक, FY202627 में मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को 5 लाख यूनिट और बढ़ाया जाएगा. इससे कंपनी आने वाले समय में ज्यादा संख्या में वाहन तैयार कर सकेगी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। नई SUV की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भी यह क्षमता काफी अहम होगी.

SUV सेगमेंट पर मारुति का बड़ा फोकस

भारत में SUV की मांग पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है. ग्राहक अब छोटी कारों के अलावा SUV को भी काफी पसंद कर रहे हैं. इसी वजह से मारुति सुजुकी अपने SUV पोर्टफोलियो को बड़ा करने की तैयारी में है. फिलहाल कंपनी Brezza, Victoris और Grand Vitara जैसी SUV बेचती है. अब अगले पांच साल में 7 नई SUV लॉन्च करने की योजना है. इन गाड़ियों को अलगअलग सेगमेंट में उतारा जाएगा. साथ ही कंपनी अलगअलग पावरट्रेन पर भी काम करेगी. इसका मतलब है कि आने वाले समय में मारुति के पास पेट्रोल के साथ CNG, हाइब्रिड और दूसरे पावरट्रेन वाले विकल्प भी बढ़ सकते हैं. कंपनी की कोशिश है कि अलगअलग जरूरत और बजट वाले ग्राहकों को SUV का विकल्प दिया जा सके.

छोटी कारों की बिक्री में भी लौट सकती है तेजी

मारुति सुजुकी को सिर्फ SUV से ही ग्रोथ की उम्मीद नहीं है. कंपनी को छोटी कारों की बिक्री में भी सुधार की उम्मीद है. मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव के अनुसार, भारतीय कार बाजार FY203031 तक 6.1 से 6.3 मिलियन यूनिट तक पहुंच सकता है. कंपनी का अनुमान है कि अगले 5 सालों में छोटी कारों की बिक्री की रफ्तार पिछले पांच साल के मुकाबले ज्यादा रह सकती है. भार्गव ने छोटी कारों की बिक्री को बढ़ावा देने में GST दरों में हुई कटौती को भी अहम बताया है. GST में बदलाव से छोटी कारों और पूरे ऑटो सेक्टर को मांग बढ़ाने में मदद मिली है. मारुति सुजुकी ने FY26 में रिकॉर्ड 24.2 लाख वाहन बेचे. इस दौरान कंपनी का निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा और उसने करीब 4.47 लाख वाहन विदेशों में भेजे, कंपनी का मानना है कि घरेलू बाजार के साथ निर्यात भी भविष्य में ग्रोथ का बड़ा आधार बनेगा.