30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफज़ी 1073 के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, हमामी ने इस 9/11 स्टाइल आतंकी हमले की साजिश जुलाई में ही रच ली थी, लेकिन एयरलाइन के एक कू्र सदस्य से दोस्ती के चलते उस समय अपना प्लान टाल दिया। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अल-हमामी ने 30 सितंबर को होने वाले हमले की योजना फ्लाईदुबई में नौकरी शुरू करने से पहले ही बना ली थी। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। वह कथित तौर पर 9/11 जैसे हमले को अंजाम देना चाहता था।

उसकी योजना दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट एफज़ी1073 को तेल अवीव की किसी ऊंची इमारत या बेन गुरियन एयरपोर्ट पर क्रैश कराने की थी। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, अल-हमामी ने संयुक्त अरब अमीरात के जांचकर्ताओं को बताया कि उसने फ्लाईदुबई में नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले उन एयरलाइनों की तलाश की थी, जो तेल अवीव (इजरायल) के लिए उड़ानें संचालित करती हैं. इजरायली मीडिया रिपोट्र्स में दावा किया गया है कि फ्लाईदुबई के साथ काम करने के दौरान उसने बेन गुरियन एयरपोर्ट का कई बार दौरा किया था. जून में एक यात्रा के दौरान उसने एयरपोर्ट से जुड़ी जानकारी जुटाई और कथित तौर पर हमले की योजना को आगे बढ़ाया।

रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम अल-हमामी के कट्टरपंथी बनने का सिलसिला फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले ही शुरू हो गया था। ओमान की एयरलाइन ओमान एयर ने भीइसी वजह से उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया था। सूत्रों के अनुसार ओमान एयर ने हमाम को चरमपंथी सामग्री रखने की वजह से उड़ान भरने से रोक दिया था। हमाम को डी-रेडिकलाइजेशन यानी कट्टरपंथ से बाहर लाने वाले कार्यक्रम से भी गुजरना पड़ा था।