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हर रोज की तरह एक रोज केरल के पॉल कुरियन अपनी बस के साथ निकले. वह हमेशा की तरह ड्यूटी पर पहुंचे, अपनी बस संभाली और रूट पर निकले. लेकिन इस बार उन्हें पता था कि जिस बस के स्टीयरिंग के पीछे उन्होंने अपनी जिंदगी के कई साल बिताए हैं, उसे चलाने का यह उनका आखिरी दिन है.

इडुक्की जिले के कुमिली डिपो पर शिफ्ट पूरी करने के बाद पॉल ने बस को पार्क किया. उनके साथ मौजूद कुछ साथियों ने उस पल को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया. इसके बाद जो हुआ, उसने इस सामान्य से रिटायरमेंट को एक यादगार कहानी बना दिया.

बस को देखकर पॉल ने किया कुछ ऐसा

बस पार्क करने के बाद पॉल उसके पास खड़े हो गए. कुछ पल तक वह वाहन को देखते रहे. फिर उन्होंने बस की तरफ झुककर उसे चूम लिया. यह किसी फिल्मी सीन जैसा दिख सकता है, लेकिन पॉल के लिए यह आठ साल की रोजाना की जिंदगी को अलविदा कहने का पल था. जिस बस का स्टीयरिंग उन्होंने हजारों किलोमीटर तक संभाला, उसी बस को छोड़कर जाना उनके लिए आसान नहीं था. उनके साथियों ने इस भावुक पल को कैमरे में कैद कर लिया. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। वीडियो में पॉल का यह अंदाज देखकर सोशल मीडिया यूजर्स भी भावुक हो गए.

18 साल तक KSRTC में निभाई ड्यूटी

पॉल कुरियन ने केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यानी KSRTC में करीब 18 साल तक ड्राइवर के तौर पर काम किया. इन वर्षों में उन्होंने अलग-अलग बसें और रूट देखे होंगे, लेकिन इडुक्की-कुमिली रूट की एक बस उनके कामकाजी जीवन का खास हिस्सा बन गई. करीब आठ साल तक वह इसी बस को चला रहे थे. ड्राइवर के लिए बस सिर्फ एक सरकारी वाहन नहीं होती. रोज सुबह उसे संभालना, यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाना, रास्ते की मुश्किलों से निपटना और फिर उसी वाहन के साथ डिपो लौटना रोज की जिंदगी का हिस्सा बन जाता है. शायद इसी वजह से पॉल का आखिरी विदाई वाला पल इतना खास नजर आया.

2 सितंबर को कुमिली डिपो में रिकॉर्ड हुआ वीडियो

वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें चल रही थीं, लेकिन इसकी पड़ताल में सामने आया कि इसे केरल के इडुक्की जिले में स्थित कुमिली डिपो में रिकॉर्ड किया गया था. 2 सितंबर को पॉल का काम पर आखिरी दिन था. अपनी शिफ्ट पूरी करने के बाद उन्होंने बस पार्क की और फिर उसे विदाई दी. पॉल की आधिकारिक रिटायरमेंट 31 अक्टूबर को होनी थी. आखिरी ड्यूटी के बाद वह रिटायरमेंट तक लीव पर रहने वाले हैं. इसका मतलब वीडियो में दिखाई दे रहा पल उनका आखिरी वर्किंग डे था, जबकि नौकरी से आधिकारिक विदाई कुछ समय बाद होगी.

साथियों ने रिकॉर्ड किया पॉल का आखिरी पल

इस भावुक पल को पॉल ने खुद रिकॉर्ड नहीं किया. डिपो में मौजूद उनके दोस्तों और साथियों ने मोबाइल से वीडियो बनाया. शायद उनके साथ काम करने वाले लोग भी जानते थे कि इतने साल साथ काम करने के बाद यह आखिरी मौका है, जब पॉल उसी बस को ड्यूटी के लिए लेकर निकलेंगे. वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा तो लोगों ने इसे तेजी से शेयर करना शुरू कर दिया. कई यूजर्स ने कहा कि पॉल ने बस को नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी के एक बड़े हिस्से को अलविदा कहा है.

केरल के नेता भी वीडियो देखकर हुए भावुक

पॉल के इस विदाई वाले वीडियो ने केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन का भी ध्यान खींचा. उन्होंने पॉल के इस अंदाज की तारीफ की. सतीशन ने कहा कि वह इस बात से भावुक हुए कि कुरियन ने वर्षों तक जिस बस को पूरी मेहनत और लगन से चलाया, उसके सामने झुककर उसे सम्मान के साथ विदाई दी. उन्होंने यह भी कहा कि पॉल जैसे हजारों KSRTC कर्मचारियों की मेहनत ही केरल के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की बड़ी ताकत है.

ड्राइवर के लिए बस आखिर इतनी खास क्यों होती है?

किसी यात्री के लिए बस कुछ मिनट या कुछ घंटों की यात्रा का साधन होती है. लेकिन ड्राइवर के लिए वही बस रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाती है. हर दिन उसी सीट पर बैठना, स्टीयरिंग संभालना, सड़क और मौसम के हिसाब से ड्राइव करना और यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाना. यह सिलसिला कई साल तक चलता रहे तो वाहन से एक तरह का लगाव होना स्वाभाविक है. पॉल के मामले में यह रिश्ता करीब आठ साल तक चला. इसलिए आखिरी दिन बस को चूमकर विदा करना उनके लिए शायद उस लंबे सफर को याद करने जैसा था.

सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- असली लगाव यही है

वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाओं में एक बात बार-बार सामने आई. यूजर्स ने कहा कि पॉल ने अपनी नौकरी को सिर्फ नौकरी की तरह नहीं किया. किसी ने कहा कि यह वाहन नहीं, उनके जीवन का साथी था. वहीं कुछ लोगों ने लिखा कि आज के समय में जब लोग नौकरी बदलते वक्त सिर्फ अगली कंपनी और सैलरी के बारे में सोचते हैं, ऐसे रिश्ते दिल छू लेते हैं. कुछ यूजर्स ने पॉल की ईमानदारी और ड्यूटी के प्रति लगाव की भी तारीफ की.

एक बस, हजारों सफर और आखिरी विदाई

पॉल की कहानी में कोई बड़ा ड्रामा नहीं है. न कोई बड़ा आयोजन हुआ और न ही रिटायरमेंट पार्टी का शोर. बस एक ड्राइवर था, एक बस थी और आठ साल का साथ. आखिरी शिफ्ट खत्म हुई. बस डिपो में पार्क हुई और पॉल ने उसे एक आखिरी बार देखा. फिर झुककर उसे चूम लिया. शायद यही इस वीडियो की सबसे खूबसूरत बात है. 18 साल की नौकरी खत्म होने से पहले पॉल ने किसी भाषण या बड़े जश्न के बजाय उस बस को धन्यवाद कहा, जिसके साथ उनकी जिंदगी के आठ साल सड़क पर गुजर गए. कभी-कभी विदाई के लिए बहुत सारे शब्दों की जरूरत नहीं होती. एक छोटा सा इशारा ही बता देता है कि सामने वाली चीज या इंसान हमारे लिए कितना मायने रखता था. पॉल कुरियन और उनकी बस की यह लास्ट मुलाकात कुछ ऐसी ही कहानी कहती है.