फेस्टिव सीजन के दौरान नई गाड़ी खरीदना काफी एक्साइटमेंट भरा होता है, त्योहार आते ही कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए शानदार ऑफर्स पेश करती हैं. गणेश चतुर्थी और नवरात्रि से दिवाली और धनतेरस तक चलने वाले इस फेस्टिव सीजन में शोरूम्स पर भारी भीड़ उमड़ती है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि त्यौहारों में कार कंपनियां बंपर डिस्काउंट कैसे देती हैं? चलिए समझते हैं कि फेस्टिव सीजन का डिस्काउंटिंग गणित क्या है और यह कैसे आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है.

डिस्काउंटिंग का खेल, समझें

पहला स्टॉक क्लीयरेंस: फेस्टिव सीजन के दौरान कंपनियों पर पुराने स्टॉक को खाली करने का दबाव होता है क्योंकि नया साल आते ही पुराने स्टॉक की वैल्यू कम हो जाती है. यही वजह है कि बंपर डिस्काउंट देकर कंपनियां स्टॉक खत्म करने पर फोकस करती हैं.

दूसरा, कैश डिस्काउंट का फायदा: ऑटो कंपनियां फेस्टिव सीजन के दौरान मॉडल्स के साथ कैश डिस्काउंट का फायदा देती हैं जिससे ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को लुभाने की कोशिश की जाती है.

तीसरा, एक्सचेंज बोनस का फायदा: नई लेते वक्त पुरानी कार को अगर देते हैं तो आपको एक्सचेंज बोनस का फायदा मिल सकता है.

चौथा कॉर्पोरेट बेनिफिट: नई कार खरीदते वक्त कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज डिस्काउंट के अलावा कॉर्पोरेट डिस्काउंट का भी फायदा आप उठा सकते हैं.

पांचवां फ्री एक्सेसरीज: ग्राहकों को लुभाने के लिए कुछ ऑटो कंपनियां फ्री एक्सेसरीज का भी फायदा देती हैं यानी हजारों का फायदा आप आपको फेस्टिव सीजन सेल के दौरान मिल सकता है.

केवल इतना ही नहीं, कई बैंक नई कार के लोन पर प्रोसेसिंग फीस पर छूट, कम ब्याज दर जैसे ऑफर्स भी ग्राहकों पेश करते हैं. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। ऐसे में अगर नई कार लेते वक्त सही से रिसर्च करें तो आप कम ब्याज दर के साथ कम प्रोसेसिंग फीस वाली डील भी पा सकते हैं जिससे हजारों की बचत होगी.