आज जब इलेक्ट्रिक कारों की बात होती है, तो टेस्ला के साथ एक और कंपनी का नाम तेजी से चर्चा में आता है. यह कंपनी है चीन की BYD, जो दुनिया की प्रमुख इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों में शामिल हो चुकी है. खास बात यह है कि आज लाखों इलेक्ट्रिक कारें बनाने वाली इस कंपनी ने अपना सफर कारों से नहीं, बल्कि मोबाइल फोन की बैटरी बनाने से शुरू किया था. करीब तीन दशक में कंपनी ने बैटरी बनाने से लेकर दुनिया के बड़े ऑटोमोबाइल ब्रांड्स को चुनौती देने वाली कंपनी तक का सफर तय किया है.

अब BYD 13 अपने लग्जरी ब्रांड डेंजा को भारत में लॉन्च करने जा रही है, जिसकी एंट्री 13 नवंबर 2026 को होगी. भारत में डेंजा की शुरुआत Z9 GT शूटिंग ब्रेक और D9 लग्जरी MPV के साथ होगी. ये दोनों ही लग्जरी गाड़ियां होंगी, जिन्हें BYD की मौजूदा रेंज से ऊपर, खासकर 80 लाख रुपये से अधिक की कीमत कैटेगरी में रखा जाएगा.

1995 में हुई थी कंपनी की शुरुआत

BYD की स्थापना फरवरी 1995 में चीन के शेनझेन शहर में वांग चुआनफू ने की थी. पेशे से केमिस्ट वांग चुआनफू ने उस समय रिचार्जेबल बैटरी के कारोबार में संभावनाएं देखीं. उस दौर में मोबाइल फोन का बाजार तेजी से बढ़ रहा था और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों की मांग भी बढ़ रही थी.

इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने BYD की शुरुआत की. कंपनी ने शुरुआती दिनों में मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए बैटरियां बनाईं. धीरेधीरे BYD ने अपनी तकनीक और उत्पादन क्षमता को बेहतर किया और अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह बनानी शुरू कर दी.

2003 में ऑटोमोबाइल सेक्टर में रखा कदम

बैटरी कारोबार में सफलता मिलने के बाद BYD ने अपने बिजनेस का विस्तार करने का फैसला किया. साल 2003 में BYD एक मुश्किल दौर से गुजर रही चीनी कार कंपनी शियान किनचुआन ऑटोमोबाइल में बहुमत हिस्सेदारी खरीद ली. इसके साथ ही BYD ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में कदम रख दिया. साल 2005 में कंपनी ने अपनी पहली कार BYD F3 को लॉन्च किया. यह पेट्रोल से चलने वाली सेडान कार थी. इसके बाद कंपनी ने इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों पर काम तेज कर दिया. साल 2008 में BYD ने F3DM नाम से प्लगइन हाइब्रिड कार पेश की थी. यह कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी, क्योंकि इसमें पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर का भी इस्तेमाल किया गया था. इस तरह BYD ने इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य को ध्यान में रखकर अपनी तकनीक विकसित करनी शुरू कर दी.

बैटरी तकनीक बनी कंपनी की सबसे बड़ी ताकत

BYD की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कंपनी सिर्फ इलेक्ट्रिक कारें नहीं बनाती, बल्कि उनकी बैटरी पर भी खुद काम करती है. कंपनी ने अपनी ब्लेड बैटरी तकनीक विकसित की है. इस बैटरी को सुरक्षा, मजबूती और बेहतर प्रदर्शन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसमें लिथियम आयरन फॉस्फेट तकनीक का इस्तेमाल होता है. कंपनी के मुताबिक, इसकी बनावट और परीक्षण इसे सुरक्षा के लिहाज से खास बनाते हैं.

इसके अलावा BYD इलेक्ट्रिक कारों के लिए मोटर, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और दूसरी महत्वपूर्ण तकनीकों पर भी काम करती है. इससे कंपनी को अपनी कारों की लागत और तकनीक पर बेहतर नियंत्रण मिलता है.

आज 120 से ज्यादा देशों में मौजूद है BYD

आज BYD का कारोबार केवल चीन तक सीमित नहीं है. कंपनी इलेक्ट्रिक कारों, प्लगइन हाइब्रिड वाहनों, बसों, बैटरी और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है. कंपनी के मुताबिक, अप्रैल 2026 तक उसके न्यू एनर्जी वाहन 120 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में पहुंच चुके थे. कंपनी की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मई 2026 के अंत तक उसकी कुल न्यू एनर्जी वाहन बिक्री 1.65 करोड़ यूनिट से अधिक हो चुकी थी. साल 2024 में BYD दुनिया की पहली ऐसी ऑटोमोबाइल कंपनी बनी थी, जिसने 1 करोड़ न्यू एनर्जी वाहनों का उत्पादन पूरा किया था. भारत में भी BYD ने अपनी मौजूदगी बनाई है. कंपनी यहां Atto 3, eMAX 7, Seal और Sealion 7 जैसे इलेक्ट्रिक मॉडल बेचती है.

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