
Mukesh Sahani Statement CEC: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के मुखिया मुकेश सहनी ने एक बयान दिया है जिसने मुल्क की सियासत में भूचाल ला दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए सहनी ने कहा कि अगर देश में एक खून माफ होता, तो वह ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते। एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ सरेआम इस तरह की हिंसक बयानबाजी ने सियासी गलियारों का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। सहनी ने चुनाव आयोग को पूरी तरह ‘बीजेपी का आयोग’ करार देते हुए मुल्क के जम्हूरियत (लोकतंत्र) पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।
संविधान और लोकतंत्र का हवाला, EC को बताया ‘बीजेपी का आयोग’
पत्रकारों से रूबरू होते हुए मुकेश सहनी बेहद तल्ख अंदाज में नजर आए। उन्होंने इल्जाम लगाया कि देश के कर्ताधर्ता (प्रधानमंत्री) के इशारे पर यह सब करवाया जा रहा है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। सहनी के मुताबिक बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान को पैरों तले कुचला जा रहा है और 140 करोड़ अवाम की आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें अंधेरे में धकेला जा रहा है।
सहनी ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव किसी राजनेता की जागीर नहीं है यह जनता का हक है। अगर कोई नेता सही काम न करे तो अवाम को उसे कुर्सी से हटाने की पूरी पावर है। उन्होंने भरे गुस्से में कहा कि हम संविधान को मानने वाले लोग हैं वरना ज्ञानेश कुमार को सबसे पहले गोली मारते।
बंगाल और बिहार चुनाव पर संगीन इल्जाम, ’10 हजार देकर खरीदे वोट’
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उंगली उठाते हुए सहनी ने कई संगीन इल्जाम लगाए। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में फौज को खड़ा करके और 27 लाख वोट काटकर जबरन सरकार बनाई गई। इतना ही नहीं, बिहार चुनाव को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपए डालकर जनादेश को पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया गया।
सहनी ने चुनाव आयोग के औचित्य पर ही सवाल दाग दिए। उन्होंने कहा कि जब जनादेश को इस तरह लूटना ही है, तो चुनाव कराने का ड्रामा क्यों हो रहा है? देश की अवाम का करोड़ों रुपया बर्बाद करना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने तंज कसा कि तीन चुनाव आयुक्तों की क्या जरूरत है, जब फैसले एक ही इशारे पर होने हैं।
2029 में राहुल गांधी की हुकूमत और CEC को जेल भेजने की खुली धमकी
सहनी का गुस्सा यहीं नहीं रुका। उन्होंने ज्ञानेश कुमार और उनका साथ देने वालों को खुलेआम मुस्तकबिल (भविष्य) की हिदायत दे डाली। वीआईपी चीफ ने दावा किया कि 2029 में हर हाल में राहुल गांधी की अगुवाई में सरकार बनेगी। सत्ता बदलते ही इन धांधलियों का हिसाब होगा और ज्ञानेश कुमार जेल जाने वाले पहले शख्स होंगे। उन्होंने साफ कहा कि अगर ये लोग जीवित रहे, तो इनके गुनाहों के लिए सलाखें ही इनका आखिरी मुकाम होंगी।
चुनाव आयुक्तों के बीच दरार? वोटर लिस्ट विवाद ने पकड़ी तूल
मुकेश सहनी का यह बेखौफ और विवादित बयान ऐसे वक्त में आया है, जब चुनाव आयोग के भीतर ही कलह की खबरें मीडिया में तैर रही हैं। हाल ही में ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई थीं कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने बीते 10 महीनों में कम से कम 14 बार कई फैसलों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।
यह आपत्तियां खास तौर पर वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और फॉर्म 6 में किए गए बदलावों से जुड़ी थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि सभी फैसले तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं और आंतरिक विचार-विमर्श को अलग फैसला नहीं माना जा सकता। लेकिन इसी विवाद ने मुकेश सहनी को आयोग पर इतना बड़ा हमला बोलने का मौका दे दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या एक संवैधानिक पद पर बैठे शख्स को सरेआम ‘गोली मारने’ की धमकी देना कानूनन जुर्म के दायरे में नहीं आता? सियासत में बयानबाजी का स्तर लगातार गिर रहा है, लेकिन चुनाव आयोग जैसे निष्पक्ष संस्थान के मुखिया को इस तरह धमकाने पर क्या इलेक्शन कमीशन या पुलिस कोई कड़ा लीगल एक्शन लेगी? यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि बीजेपी और चुनाव आयोग इस खौफनाक बयान का किस तरह जवाब देते हैं।
FAQ
Q: मुकेश सहनी ने ज्ञानेश कुमार के बारे में क्या कहा?
A: वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि अगर उन्हें एक खून माफ होता, तो वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते।
Q: ज्ञानेश कुमार कौन हैं?
A: ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) के पद पर तैनात हैं।
Q: सहनी ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
A: सहनी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पूरी तरह बीजेपी का विंग बन चुका है और बंगाल व बिहार चुनावों में भारी धांधली कर जनादेश को लूटा गया है।


