Ujjain Crime News: धर्मनगरी उज्जैन का कानीपुरा इलाका बुधवार देर रात दोहरे हत्याकांड से थर्रा उठा. शहर के कानीपुरा स्थित ‘लक्की दरबार’ ढाबे पर करणी सेना के पद और पुरानी रंजिश को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए. विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष ने 15 से 20 हथियारबंद बदमाशों को बुलाकर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. इस खूनी वारदात में करणी सेना से जुड़े राहुल दरबार और उनके साथी जितेंद्र पवार की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं.

मिली जानकारी के अनुसार, नीमनवासा निवासी राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप और शक्ति सिंह के बीच लंबे समय से करणी सेना के पद और इलाके में वर्चस्व को लेकर रंजिश चली आ रही थी. बुधवार रात करीब 2 बजे दोनों पक्ष पुराने विवादों को सुलझाने और समझौते के इरादे से ढाबे पर शराब और खाने के लिए एक साथ बैठे थे. इसी दौरान फिर से पद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई. बात बढ़ने पर राहुल दरबार के समर्थकों ने शक्ति सिंह के साथ मारपीट कर दी. इससे बौखलाया शक्ति सिंह ‘देख लेने’ की धमकी देकर वहां से निकल गया.

ढाबे को घेरा, झाड़ियों में मिला साथी का शव

ढाबे से निकलते ही शक्ति सिंह ने अपने साथी सोनू बंजारा और अन्य लोगों को फोन किया. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। कुछ ही देर में शक्ति सिंह, अपने भाई अर्पित, रमेश महाना, अन्ना, सोनू बंजारा और 15 से 20 अन्य हथियारबंद साथियों के साथ गाड़ियों में भरकर वापस ढाबे पर पहुंचा.

अस्पताल में भर्ती घायल पप्पू जाट और श्रवण कुमार राव के मुताबिक, बदमाशों ने आते ही धारदार हथियारों और चाकुओं से हमला बोल दिया. हमले में गंभीर रूप से घायल राहुल दरबार की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, वहीं उनके साथी उंडासा निवासी जिन्हेंद्र पवार का शव ढाबे के पास झाड़ियों में पड़ा मिला. बीचबचाव करने आए श्रवण और पप्पू भी चाकूबाजी में गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है.

5 नामजद और 20 अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज

घटना की सूचना मिलते ही चिमनगंज थाना प्रभारी विवेक कनोडिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया. थाना प्रभारी ने बताया कि घायलों के बयानों के आधार पर शक्ति सिंह, उसके भाई अर्पित, रमेश महाना, अन्ना और सोनू बंजारा के खिलाफ नामजद और 15 से 20 अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या और बलवे का मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस की कई टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है.