CCPA Action on WalkieTalkie: ऑनलाइन शॉपिंग के इस दौर में लोग जरूरत की हर चीज इंटरनेट से मंगा रहे हैं. इनमें पर्सनल मोबाइल रेडियो यानी वॉकीटॉकी भी शामिल हैं. लेकिन ग्राहकों को अधूरी जानकारी देकर वॉकीटॉकी का प्रचार करना और बेचना अब कंपनियों को भारी पड़ रहा है. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने एक ऐसे ही मामले में सख्त कदम उठाया है. जरूरी नियम और शर्तें छिपाने की वजह से वॉकीटॉकी बेचने वाली कंपनी होगार टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशन एलएलपी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है. ये कार्रवाई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर चल रहे भ्रामक विज्ञापनों और गलत व्यापारिक तरीकों पर लगाम लगाने के एक बड़े अभियान का हिस्सा है.

ग्राहकों को गुमराह करने का खेल
CCPA की चीफ कमिश्नर निधि खरे और कमिश्नर अनुपम मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले की सुनवाई की. जांच में पाया गया कि सेलर की वेबसाइट पर जिन वॉकीटॉकी का विज्ञापन दिया गया था, उनमें कई जरूरी जानकारियां गायब थीं. वेबसाइट पर ये साफ नहीं लिखा था कि ये डिवाइस किस ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी पर काम करते हैं. इसके अलावा, इन्हें इस्तेमाल करने के लिए जरूरी लाइसेंस और सरकारी मंजूरियों का भी कोई जिक्र नहीं था. अथॉरिटी का कहना है कि ऐसी जानकारियां छिपाने से आम ग्राहक को लगता है कि वो बिना किसी सरकारी इजाजत के इन्हें कानूनी तौर पर इस्तेमाल कर सकता है. इससे ग्राहक अनजाने में ही बड़े कानूनी और आर्थिक संकट में फंस सकते हैं.
सेलर की दलीलें नहीं आईं काम
सुनवाई के दौरान वॉकीटॉकी सेलर ने अपने बचाव में कई दलीलें पेश कीं. सेलर ने कहा कि उसके पास वैध ‘डीलर पोजेसिंग लाइसेंस’ मौजूद है. साथ ही उसके सभी डिवाइस तय मानकों के मुताबिक ‘इक्विपमेंट टाइप अप्रूवल’ सर्टिफिकेट से कवर हैं. सेलर ने ये भी तर्क दिया कि उसकी वेबसाइट से सीधे तौर पर कोई ऑनलाइन खरीदबिक्री नहीं होती है. वेबसाइट का मकसद सिर्फ लोगों को जानकारी देना और बिजनेस के लिए लीड्स जुटाना है.
CCPA ने सेलर की इन तमाम दलीलों को खारिज कर दिया. अथॉरिटी ने साफ शब्दों में कहा कि सिर्फ सरकारी अप्रूवल होने से किसी विज्ञापन देने वाले को ये छूट नहीं मिल जाती कि वो खरीदारी से पहले ग्राहक को पूरी और सही जानकारी न दे. साथ ही ये भी स्पष्ट कर दिया कि अगर किसी वेबसाइट से सीधी बिक्री नहीं भी होती है, तब भी उस पर किए गए प्रचार के दावे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के दायरे में आते हैं.
वॉकीटॉकी को लेकर क्या कहता है नियम
कम पावर वाले रेडियो डिवाइस को लेकर साल 2018 में खास नियम बनाए गए थे. इन नियमों के मुताबिक, सिर्फ 446.0 से 446.2 MHz बैंड की फ्रीक्वेंसी पर काम करने वाले वॉकीटॉकी को ही लाइसेंस से छूट मिल सकती है. हालांकि इसके लिए भी कुछ तय शर्तें माननी होती हैं. अगर कोई डिवाइस इस तय बैंड से बाहर की फ्रीक्वेंसी पर काम करता है, तो उसके लिए सरकारी नियम और लाइसेंस लेना जरूरी हो जाता है. यही वजह है कि CCPA ने बारबार जोर दिया है कि प्रोडक्ट बेचते समय उसकी ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी और लाइसेंस की शर्तों का साफ तौर पर जिक्र होना चाहिए.
12 कंपनियों से वसूला 58 लाख का जुर्माना
CCPA ने खुद संज्ञान लेते हुए ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिना पूरी जानकारी के बिक रहे वॉकीटॉकी की जांच शुरू की थी. इस जांच में 16,970 से ज्यादा ऐसी लिस्टिंग पकड़ी गईं जो नियमों को पूरा नहीं कर रही थीं. इसके बाद नियमों के उल्लंघन को लेकर 13 ईकॉमर्स कंपनियों को नोटिस जारी किए गए.
अथॉरिटी अब तक इस मामले में 12 कंपनियों के खिलाफ अंतिम आदेश पास कर चुकी है. भ्रामक विज्ञापन देने के लिए इन पर कुल 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इनमें से 5 कंपनियों पर 1010 लाख रुपये और 7 अन्य कंपनियों पर 11 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है. कुछ कंपनियों ने इन आदेशों को कोर्ट और उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में चुनौती भी दी है, जहां मामले अभी लंबित हैं. हालांकि एक कंपनी को आयोग ने जुर्माने की रकम जमा करने का निर्देश दिया है.



