फ्रांस के दक्षिणपश्चिमी हिस्से में जंगलों में लगी भीषण आग के बाद आसमान में विशाल फायर क्लाउड देखे गए. इन्हें वैज्ञानिक भाषा में पाइरोक्यूम्यूलोनिम्बस या पायरोसीबी कहा जाता है. यह सामान्य धुएं का बादल नहीं होता. यह आग की इतनी तीव्र गर्मी से बनता है कि खुद तूफान जैसी गतिविधियां पैदा करने लगता है. इस तरह का बादल आग को केवल ऊपर से ढकता नहीं है. यह आग के फैलाव को और खतरनाक बनाता है. फ्रांस में इस घटना को बहुत असामान्य माना जा रहा है.

आइए, इसी बहाने समझते हैं कि आखिर क्या होते हैं फायर क्लाउड, जो फ्रांस में लगी आग के बाद बने, क्या होगा इसका आम जनजीवन पर असर?
फायर क्लाउड आखिर होता क्या है?
फायर क्लाउड एक बहुत ऊंचा बादल है. यह बहुत बड़ी और गर्म जंगल की आग के ऊपर बनता है. आग से निकलने वाली गर्म हवा, धुआं, राख और जलवाष्प तेजी से ऊपर उठते हैं. यह प्रक्रिया चिमनी से उठते धुएं जैसी लग सकती है, लेकिन इसका पैमाना बहुत बड़ा होता है. ऊपर जाते समय हवा ठंडी होती है. धुएं और राख के सूक्ष्म कणों के आसपास मौजूद नमी गाढ़ी होने लगती है. इससे बादल बनता है. यदि आग बहुत शक्तिशाली हो और ऊपर का वातावरण अनुकूल हो, तो यह बादल सामान्य बादल से आगे बढ़कर गरजचमक वाले बादल का रूप ले सकता है.
इसी को पाइरोक्यूम्यूलोनिम्बस कहा जाता है. इसका आकार कई किलोमीटर तक फैल सकता है. ऊंचाई भी बहुतअधिक हो सकती है. दूर से यह विशाल, गहरा और कभीकभी मशरूम जैसे आकार का दिखाई देता है.
आग कैसे अपना मौसम बनाने लगती है?
बहुत तेज आग जमीन के पास की हवा को गर्म करती है. गर्म हवा हल्की होती है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इसलिए वह तेजी से ऊपर जाती है. जब यह गर्म हवा ऊपर पहुंचती है, तो ठंडी हवा से मिलती है. नमी की बूंदें बनती हैं. ज्यादा ऊंचाई पर बर्फ के छोटे कण भी बन सकते हैं. इन कणों के आपसी टकराव से विद्युत आवेश पैदा हो सकता है. ठीक इसी तरह सामान्य गरज वाले बादलों में बिजली बनती है.
फायर क्लाउड में ऊपर उठती हवा और नीचे गिरती ठंडी हवा दोनों होती हैं. इससे शक्तिशाली और अस्थिर हवाएं पैदा होती हैं. ये हवाएं आग की दिशा बदल सकती हैं. आग के लिए यह एक खतरनाक चक्र बन जाता है. आग बादल बनाती है. बादल हवा बनाता है. हवा आग को और बढ़ाती है.
यह सामान्य धुएं के बादल से अलग क्यों है?
हर जंगल की आग से धुआं निकलता है, लेकिन हर धुएं का गुबार फायर क्लाउड नहीं बनता. फायर क्लाउड बनने के लिए आग बहुत तीव्र होनी चाहिए. हवा का तापमान अधिक होना चाहिए. जमीन सूखी होनी चाहिए. साथ ही, वातावरण की ऊपरी परतों में नमी और ठंडक का सही मेल होना चाहिए. सामान्य धुआं हवा के साथ बहता है. फायर क्लाउड अपने आसपास की हवा को प्रभावित करने लगता है. यह तेज हवा, बिजली और कभीकभी नीचे की ओर आने वाले तेज झोंके पैदा कर सकता है, इसलिए इसे आग से पैदा हुआ तूफान भी कहा जा सकता है.
बिजली गिरने से नई आग का खतरा
फायर क्लाउड का सबसे बड़ा खतरा बिजली है. इसमें बनी बिजली आसपास के सूखे जंगल, घास या झाड़ियों पर गिर सकती है. इससे मुख्य आग से काफी दूर नई आग लग सकती है. इसे खास तौर पर सूखी बिजली का जोखिम कहा जाता है. कई बार बिजली तो गिरती है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होती. जमीन तक पहुंचने से पहले बारिश की बूंदें गर्म और सूखी हवा में ही वाष्प बन सकती हैं. इसलिए आग बुझने के बजाय नई जगहों पर फैल जाती है. फ्रांस की आग के मामले में भी ऐसी बिजली से नई आग लगने की खबरें आई हैं. इससे अग्निशमन दलों के सामने एक साथ कई मोर्चों पर काम करने की चुनौती है.
अचानक बदल सकती है हवा की दिशा
फायर क्लाउड के भीतर हवा बहुत अस्थिर हो सकती है. कभी हवा आग की ओर खिंचती है. फिर बादल से नीचे आने वाली हवा जोरदार झोंकों के रूप में जमीन तक पहुंचती है. इससे आग की लपटें अचानक दूसरी दिशा में बढ़ सकती हैं. यह बदलाव कुछ ही मिनटों में हो सकता है. इसलिए फायरफाइटर्स के लिए स्थिति बेहद जोखिम भरी हो जाती है. जो रास्ता कुछ समय पहले सुरक्षित था, वह अचानक आग की चपेट में आ सकता है. तेज हवा जलते हुए छोटे कणों को भी दूर तक उड़ा सकती है. ये सूखी घास, छतों, खेतों या जंगल में गिरकर नई आग शुरू कर सकते हैं.
आम जनजीवन पर क्या असर होगा?
फायर क्लाउड वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को कई तरह के खतरे हो सकते हैं. पहला खतरा तेज गति से फैलती आग का है. आग की दिशा बदलने से निकासी की योजना प्रभावित हो सकती है. सड़कों को जल्दी बंद करना पड़ सकता है. दूसरा खतरा धुएं का है. धुएं में बहुत बारीक कण होते हैं. ये फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं. अस्थमा, दिल की बीमारी, बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह ज्यादा खतरनाक हो सकता है. आंखों में जलन, खांसी, सांस फूलना और सिरदर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. तीसरा असर खेती और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. आग से जंगल, खेत, घर, बिजली की लाइनें और सड़कें प्रभावित हो सकती हैं. पर्यटन वाले क्षेत्रों में भी नुकसान हो सकता है.
पर्यावरण को भी होगा बड़ा नुकसान
भीषण जंगल की आग पेड़पौधों और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाती है. कई जानवर अपने प्राकृतिक आवास से भागने को मजबूर होते हैं. कुछ जीवों के लिए सुरक्षित जगह ढूंढना मुश्किल होता है. आग के बाद जमीन की ऊपरी परत भी कमजोर हो सकती है. पेड़ और घास मिट्टी को पकड़कर रखते हैं. उनके जल जाने पर बारिश के समय मिट्टी का कटाव बढ़ सकता है. राख और मिट्टी नदियों या तालाबों तक भी पहुंच सकती है. जंगल जलने पर बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य गैसें निकलती हैं. इससे जलवायु परिवर्तन की समस्या और गंभीर हो सकती है. हालांकि, किसी एक आग या एक फायर क्लाउड को सीधे जलवायु परिवर्तन का परिणाम कहना अनुचित माना जाता है. लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि अधिक गर्मी, सूखा और लगातार हीटवेव जैसी स्थितियां ऐसी चरम आग के लिए अनुकूल माहौल बना रही हैं.
क्या जलवायु परिवर्तन से इनकी संभावना बढ़ रही है?
यूरोप में गर्मी की लहरें और सूखे के दौर बढ़ने की चिंता लगातार सामने आ रही है. जब जंगल और घास लंबे समय तक सूखे रहते हैं, तो वे तेजी से जलने वाले ईंधन बन जाते हैं. ज्यादा गर्मी आग की तीव्रता बढ़ा सकती है. फायर क्लाउड पहले ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका जैसे क्षेत्रों में ज्यादा दर्ज किए गए हैं. फ्रांस में इनका दिखना इस बात का संकेत है कि आग का व्यवहार बदल रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म और सूखी परिस्थितियां बनी रहीं तो पूरे यूरोप में ऐसे जोखिम बढ़ सकते हैं.
फ्रांस में बना फायर क्लाउड एक गंभीर प्राकृतिक चेतावनी है. यह दिखाता है कि बहुत भीषण आग केवल जमीन पर नहीं फैलती. वह आसमान में भी एक खतरनाक मौसम प्रणाली बना सकती है. इसका असर नई आग, तेज हवा, बिजली, धुएं और बड़े पैमाने पर निकासी के रूप में दिख सकता है. लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी है. समय पर चेतावनी, जंगलों की देखभाल, आग से बचाव की तैयारी और जलवायु जोखिमों को समझना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है.



