Madhubani News: बिहार के मधुबनी जिले में बलिराजगढ़ गोलीकांड के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. एक ग्रामीण की हत्या और तीन लोगों को गोली मारने के आरोपी फरार ASI चंद्रमोहन सिंह की तलाश में पुलिस ने पांच विशेष टीमें गठित की हैं. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। उसे निलंबित करने के साथ पुलिस सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

दूसरी तरफ, घटना से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा है. मंगलवार को लोगों ने बाबूबरहीखुटौना मुख्य मार्ग जाम कर दिया. हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने करीब आधा किलोमीटर तक खदेड़ दिया. पुलिस को पीछे हटना पड़ा. इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

25 हजार का इनाम, 5 टीमें कर रहीं तलाश

SSP योगेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी ASI चंद्रमोहन सिंह घटना के बाद से फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है. पुलिस की टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं. आरोपी के बारे में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा.

SSP के मुताबिक, चंद्रमोहन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. उसके खिलाफ बाबूबरही थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपी को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा.

महिला के घर में घिरने के बाद फायरिंग का आरोप

बता दें कि ASI चंद्रमोहन सिंह का एक महिला के घर आनाजाना था. सोमवार देर रात वह महिला के घर पहुंचा था. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और शोर मचाना शुरू कर दिया. आवाज सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. घर के अंदर घिरने के बाद ASI ने खिड़की से अपनी सरकारी सर्विस रिवॉल्वर निकालकर फायरिंग शुरू कर दी. ग्रामीणों ने 5 से 6 राउंड गोली चलने की बात कही, जबकि SSP ने शुरुआती जानकारी में 3 से 4 राउंड फायरिंग की बात बताई थी. इस गोलीबारी में अशोक यादव की मौत हो गई थी, जबकि फूलो देवी, विजेंद्र यादव और धनिक लाल यादव घायल हो गए थे.

पुलिस के खिलाफ नारेबाजी, जवानों को खदेड़ा

गोलीकांड के विरोध में मंगलवार को खोजपुर गांव के पास ग्रामीणों ने बाबूबरहीखुटौना मुख्य मार्ग जाम कर दिया. प्रदर्शनकारी आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवारों को न्याय देने की मांग कर रहे थे. इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई. स्थिति संभालने के लिए मधुबनी से बज्र वाहन के साथ पुलिस बल मौके पर पहुंचा.

हालांकि, पुलिस को देखते ही ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया. लोगों ने ‘पुलिस वापस जाओ’ और ‘गो बैक’ के नारे लगाने शुरू कर दिए. भीड़ के विरोध के कारण पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल को करीब आधा किलोमीटर तक खदेड़ दिया. सड़क जाम होने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही.

पहले भी सस्पेंड हो चुका था ASI

ASI चंद्रमोहन सिंह का नाम पहले भी एक विवादित पुलिस कार्रवाई में सामने आ चुका है. वह मधवापुर थाने में डायल112 की टीम में तैनात था. 12 जुलाई 2025 को शराब तस्करी के शक में बाइक सवार युवकों का पीछा किया जा रहा था. इसी दौरान पिरोखर के पास डायल112 वाहन और बाइक में टक्कर हो गई थी. हादसे में एक नाबालिग बाइक सवार की मौत हो गई थी.

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भारी विरोध किया था. पुलिस पर पथराव और जवाब में पुलिस की ओर से 4 से 5 राउंड फायरिंग किए जाने की बात भी सामने आई थी. मामले में चंद्रमोहन सिंह और डायल112 के चालक चंद्रदीप शास्त्री को निलंबित कर दिया गया था. मृतक के पिता ने दोनों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी.

बलिराजगढ़ ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व का स्थान है. यहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से खुदाई का काम चल रहा है. मई 2026 में खुदाई स्थल पर उपद्रव और पुरातात्विक अवशेषों की चोरी की शिकायतों के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई थी. SSP और ग्रामीणों के बीच बैठक के बाद यहां पुलिस पिकेट बनाई गई थी. इस पर एक ASI, तीन एसएएफ जवान और दो चौकीदार तैनात किए गए थे. पुलिसकर्मियों के रहने की व्यवस्था आवासीय बालिका विद्यालय में की गई थी. इसी सुरक्षा व्यवस्था के तहत चंद्रमोहन सिंह की भी यहां ड्यूटी लगाई गई थी.

SSP ने संभाला मोर्चा, इलाके में पुलिस तैनात

घटना की गंभीरता को देखते हुए SSP योगेंद्र कुमार खुद मौके पर पहुंचे. उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी ली. फिलहाल वह बाबूबरही थाना क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं. इलाके में कानूनव्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है. SSP ने लोगों से आरोपी के बारे में जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना देने की अपील की है. साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने को कहा है.