अब आम लोगों के घर का बजट टूथपेस्ट बिगाड़ सकता है. टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलगेटपामोलिव इंडिया आने वाली तिमाहियों में अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें और बढ़ा सकती है. कंपनी वेस्ट एशिया में चल रहे टकराव की वजह से कच्चे माल की बढ़ती कॉस्ट से अपने मुनाफे को बचाना चाहती है. कंपनी ने कहा कि महंगाई अभी भी एक चिंता का विषय है, भले ही वह कीमतों को लेकर संवेदनशील ग्राहकों का ध्यान रख रही है.

रिपोर्ट के अनुसार कंपनी की सालाना इन्वेस्टर डे कॉल के दौरान CEO और MD प्रभा नरसिम्हन ने बताया कि GST में कटौती का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए पिछले साल छोटे पैक का वजन बढ़ाया गया था और उस बदलाव को अभी भी बनाए रखा गया है. नरसिम्हन ने कहा कि हमने सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले ग्राहकों को सुरक्षित किया है.

कंपनी ने अपने 10 और 20 रुपए वाले पैक में ज्यादा वजन भी बनाए रखा है. नरसिम्हन के मुताबिक, इससे ग्राहकों को “बेहतरीन वैल्यू” मिलती है. कोलगेटपामोलिव इंडिया ने हाल की तिमाहियों में कीमतें थोड़ी बढ़ाई हैं.

प्रीमियम प्रोडक्ट्स से ग्रोथ को बढ़ावा

इनपुट कॉस्ट को मैनेज करते हुए, कोलगेटपामोलिव इंडिया सेल्स बढ़ाने के लिए प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर ध्यान दे रही है. कंपनी ने कहा कि उसका प्रीमियम बिजनेस कुल मार्केट रेट की तुलना में छह गुना तेजी से बढ़ रहा है. नरसिम्हन ने कहा कि​ टूथपेस्ट और टूथब्रश दोनों में प्रीमियम प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने का मौका है. कंपनी टूथपेस्ट और ओरलकेयर सेगमेंट में हिंदुस्तान यूनिलीवर के पेप्सोडेंट और क्लोजअप, हेलियन के सेंसोडाइन और पतंजलि जैसे ब्रांड्स के साथ मुकाबला करती है. कोलगेट अपने कोर ब्रांड्स को भी मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जो वॉल्यूम ग्रोथ के लिए अहम हैं. कंपनी इस रणनीति के तहत पैकेजिंग और प्रोडक्ट के अनुभव को बेहतर बनाने की योजना बना रही है.

ग्रामीण बाजारों में सेल्स वॉल्यूम में बढ़ोतरी

कंपनी ने कहा कि ग्रामीण बाजारों में सेल्स वॉल्यूम बढ़ने के पीछे उत्पादों की बेहतर उपलब्धता, बढ़ती आय और ओरल हेल्थ के बारे में बढ़ती जागरूकता जैसे कारण हैं. हालांकि, मानसून में सामान्य से कम बारिश के बीच ग्रामीण मांग के भविष्य पर कोलगेटपामोलिव इंडिया ने कोई टिप्पणी नहीं की. नरसिम्हन ने कहा कि कंपनी अपने पर्सनलकेयर ब्रांड ‘पामोलिव’ के प्रदर्शन से निराश है. डायरेक्टटूकंज्यूमर और ईकॉमर्स चैनलों में ब्रांड की मौजूदगी को मजबूत करने के लिए, कोलगेटपामोलिव इंडिया ने इन चैनलों पर कारोबार को संभालने के लिए बॉम्बे शेविंग कंपनी के साथ साझेदारी की है.

कंपनी की यह रणनीति ऐसे समय में आई है जब FMCG कंपनियां ग्राहकों की खरीदने की क्षमता और इनपुट लागत बढ़ने से मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं. इसलिए, महंगाई के माहौल में कोलगेटपामोलिव इंडिया चुनिंदा प्राइसिंग , प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर जोर देने और वॉल्यूमबेस्ड ग्रोथ को मिलाकर आगे बढ़ने की योजना बना रही है.

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