केंद्र सरकार ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन पर जताए गए विश्वास को पूरी ईमानदारी, विनम्रता और समर्पण के साथ निभाएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नई जिम्मेदारी को केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व मानते हैं। जोशी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।

पीएम मोदी के विश्वास पर जताया आभार
शनिवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालने के बाद प्रल्हाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर भरोसा जताकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
उन्होंने कहा कि वह इस दायित्व को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए निरंतर काम करेंगे।

धर्मेंद्र प्रधान के काम की सराहना
प्रल्हाद जोशी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में कई ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं।
खासकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने और नई शिक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाने में धर्मेंद्र प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी।

नीट विवाद के बीच हुआ मंत्रालय में बदलाव
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधान ने पद छोड़ते हुए कहा था कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता सर्वोपरि है। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन का राजनीतिक दुरुपयोग न हो, इसलिए उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने का निर्णय लिया। अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रल्हाद जोशी के कंधों पर है।