भारतीय जीवन बीमा निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश पंत की समय से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है. उनकी सेवानिवृत्ति 24 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई है. इसके साथ ही वह LIC के एमडी और मुख्य प्रबंधकीय कार्मिक के पद से मुक्त हो गए हैं.

IRDAI में मिली नई जिम्मेदारी
दिनेश पंत के LIC से समय से पहले अलग होने की प्रमुख वजह उनकी नई जिम्मेदारी है. जून 2026 में उन्हें भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण में होलटाइम मेंबर नियुक्त किया गया था.
उनकी यह नियुक्ति 5 साल या 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो, के लिए की गई है. इसके बाद अब उन्होंने LIC के एमडी पद से VRS ले लिया है.
मई 2027 तक था कार्यकाल
दिनेश पंत ने 1 जून 2025 को LIC के मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाला था. उनका निर्धारित कार्यकाल मई 2027 तक था. इस हिसाब से वह अपने तय कार्यकाल से करीब आठ महीने पहले ही पद से अलग हो गए हैं.
LIC के एमडी पद से विदाई के बाद अब उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी IRDAI में होगी. IRDAI देश में बीमा क्षेत्र के नियमन और विकास से जुड़े मामलों को देखता है.
LIC की कई समितियों से भी हुए अलग
VRS को मंजूरी मिलने के बाद दिनेश पंत LIC की कुछ महत्वपूर्ण समितियों का हिस्सा भी नहीं रहे हैं. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इनमें इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी स्ट्रैटेजी कमिटी के चेयरपर्सन का पद शामिल है.
इसके अलावा वह LIC की एग्जीक्यूटिव कमिटी और इन्वेस्टमेंट कमिटी के सदस्य भी नहीं रहे हैं. इस तरह 24 सितंबर से LIC में उनकी प्रबंधकीय भूमिका समाप्त हो गई है और अब उनका फोकस IRDAI की नई जिम्मेदारी पर रहेगा.



