Pune Ketan Murder Case Update: मशहूर बिजनेसमैन केतन अग्रवाल हत्याकांड में नित नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इसी कड़ी में Tv9 भारतवर्ष ने उस कैब ड्राइवर से एक्सक्लूसिव बातचीत की है, जिसने केतन, कातिल मंगेतर सिया गोयल और उसके परिवार को पुणे से मुंबई एयरपोर्ट ड्रॉप किया था. नीलकंठ ट्रैवल्स के ड्राइवर जाधव वैभव दत्तात्रेय ने कैमरे पर उस दिन गाड़ी के भीतर हुए ड्रामे, भाईबहन के झगड़े और फूड मॉल पर सिया द्वारा रची गई पासपोर्ट साजिश की पूरी आंखों देखी कहानी बयां की है.

ड्राइवर वैभव जाधव ने बताया कि उन्हें नीलकंठ ट्रैवल्स के जरिए बिबवेवाड़ी से मुंबई एयरपोर्ट के लिए बुकिंग मिली थी. वैभव ने कहा, “जब मैं गाड़ी लेकर बिबवेवाड़ी पहुंचा, तो सिया गोयल कार में बैठने को बिल्कुल तैयार नहीं थी. वह नखरे कर रही थी. इसके बाद उसके भाई ने उसे जबरदस्ती हाथ से पकड़ा और खींचकर गाड़ी के अंदर बैठा दिया. जब वो बैठ गई, तो सिया के मातापिता ने मुझसे कहा कि बेटा गाड़ी आराम से लेकर जाना. इसके बाद मैंने गाड़ी स्टार्ट की और हम निकल पड़े.”

औंध में बदले सीट और लोनावाला में रुके यात्री

वैभव के मुताबिक, शुरुआती सफर बेहद तनावपूर्ण था. जब गाड़ी औंध पहुंची, तो उन्होंने गाड़ी रुकवाई. सिया के भाई ने कहा, “भैया, गाड़ी में गाने लगा दो.” इसके बाद जो यात्री पहले पीछे बैठा था, वह आगे आकर ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठ गया. इसके बाद वे लोनावाला पहुंचे. लोनावाला में पैसेंजर्स ने ड्राइवर से कहा, “आप नीचे ही गाड़ी रोककर रुको, हम 1015 मिनट में ऊपर से होकर आते हैं.” वे लोग करीब 15 मिनट के लिए ऊपर गए और जब वापस लौटे तो उनके साथ छह यात्री नीचे आए, जिनमें से चार लोग वैभव की गाड़ी में बैठ गए.

बिबवेवाड़ी से लोनावाला तक भाईबहन में हुआ भयंकर विवाद

जब ड्राइवर से पूछा गया कि गाड़ी के अंदर माहौल कैसा था? क्या सब शांत था या कोई लड़ाई हुई थी? तो ड्राइवर वैभव ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा, “हां, बिबवेवाड़ी से लेकर लोनावाला तक रास्ते भर दोनों भाईबहन के बीच लगातार विवाद और तीखी बहस चल रही थी. हालांकि, लोनावाला से आगे बढ़ने के बाद वे शांत हो गए और गाने लगाते हुए, हंसतेखेलते आगे का सफर तय किया.”

फूड मॉल पर सिया गोयल की वो हरकत

ड्राइवर ने बताया कि आगे जाकर उनकी गाड़ी एक फूड मॉल पर रुकी. सभी यात्री चायनाश्ता करने के लिए उतर गए, लेकिन वैभव करीब 10 मिनट तक गाड़ी के अंदर ही बैठा रहा. इसी बीच सिया गोयल अचानक अकेले वापस कार के पास आई और बोली, “भैया, गाड़ी लॉक कर दो.”

वैभव ने बताया, “मैंने गाड़ी लॉक कर दी. इसके बाद उसने पर्स से कुछ सामान निकाला. जब मैंने पीछे मुड़कर देखा, तो वह उस सामान को अपनी जेब में रख रही थी. जैसे ही उसने मेरी तरफ देखा, तो मैंने अपना ध्यान हटा लिया और वह उस सामान को जेब में डालकर वापस अंदर चली गई. हम कस्टमर्स की ऐसी पर्सनल बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते, इसलिए मैंने उस वक्त गौर नहीं किया.” .

एयरपोर्ट पर ड्रॉप करते ही आया कॉल

वैभव ने बताया कि मुंबई एयरपोर्ट पहुंचकर उन्होंने सभी को ड्रॉप कर दिया. ड्राइवर अभी एयरपोर्ट से महज 200 मीटर आगे ही निकला था कि केतन के परिवार का फोन आया कि उनका एक बैग गाड़ी में रह गया है. वैभव ने गाड़ी 200 मीटर रिवर्स ली और उन्हें बैग सौंप दिया.

इसके बाद जब वैभव करीब 500 मीटर आगे बढ़े, तो दोबारा केतन के परिवार का फोन आया. उन्होंने कहा, “भैया, मेरा पासपोर्ट गाड़ी में रह गया है, जरा चेक करो.” उन्होंने ड्राइवर को बाकायदा वीडियो कॉल किया. वैभव ने वीडियो कॉल पर पूरी गाड़ी दिखाई लेकिन वहां कुछ नहीं था. केतन के परिवार ने कहा, “आप गाड़ी लेकर वापस पार्किंग में आओ और हमें अंदर आकर चेक कराओ.” वैभव जब पार्किंग में गए, तो दो लड़के आए, उन्होंने गाड़ी की बैटरी और मोबाइल की लाइट जलाकर हर कोना चेक किया, लेकिन गाड़ी में कुछ नहीं मिला. इसके बाद वैभव के मालिक ने उन्हें दूसरा भाड़ा दे दिया और वह वहां से रवाना हो गए.