Sambhaji Nagar News: वालुज इलाके के तिसगांव स्थित खवड़िया पहाड़ी पर घटित दिल दहला देने वाले हादसे ने पूरे महाराष्ट्र को सन्न कर दिया है. 19 वर्षीय होनहार नीट छात्र कुनाल चांदगुडे को बचाने के चक्कर में उसके ट्रक ड्राइवर पिता मुरलीधर और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर मां संगीता की पहाड़ी से गिरकर मौत हो गई. इस भयानक घटना के बाद अब परिवार के भीतर बीते दो दशकों से पनप रहे गहरे तनाव, जमीन विवाद और टूटते रिश्तों की कई खौफनाक परतें उघड़कर सामने आई हैं.

शुरुआती जांच में दावा किया जा रहा था कि कुनाल नए आईफोन की मांग कर रहा था और पिता के इनकार पर नाराज होकर पहाड़ी पर चला गया था. हालांकि, कुनाल के दोस्तों और रिश्तेदारों ने इस थ्योरी को पूरी तरह नकार दिया है. उनका कहना है कि डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहे कुनाल के पास पहले से ही दो iPhone थे. असली वजह परिवार के भीतर पिछले 6 सालों से चल रहा भीषण तनाव और जमीनी रंजिश है.
20 साल पहले बिना बताए शादी, 3 एकड़ जमीन और बुआ का कनेक्शन
मुरलीधर के पैतृक गांव धनगर पिंपलगांव में उनके 75 वर्षीय पिता दामोदरराव और बूढ़ी मां ने रोते हुए कई राज खोले: मुरलीधर 20 साल पहले काम की तलाश में शहर गया था, जहां उसने संगीता से शादी कर ली. उसने परिजनों को शादी की भनक तक नहीं लगने दी, जिससे परिवार नाराज हो गया और दूरियां बढ़ती गईं. दामोदरराव ने अपने बेटे मुरलीधर के नाम 3 एकड़ जमीन की थी. ग्रामीणों के अनुसार, मुरलीधर ने इस जमीन का कुछ हिस्सा अपनी तीनों बहनों को दे दिया था. इस फैसले को लेकर मुरलीधर और उसकी पत्नी संगीता के बीच लगातार झगड़े होते थे, जिससे कुनाल पर मानसिक दबाव बढ़ रहा था. कुनाल के दादादादी का आरोप है कि संगीता उनके बेटे मुरलीधर को परिवार से दूर रखती थी और बातचीत नहीं करने देती थी.
3 घंटे तक समझाते रहे लोग, कुनाल बोला ‘अब कोई रास्ता नहीं बचा’
शुक्रवार सुबह 10 बजे कुनाल खवड़िया पहाड़ी की खतरनाक ढलान पर जा बैठा. मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई. नीचे जाल भी बिछाया गया, लेकिन कुनाल जगह बदलता रहा. जब ग्रामीणों ने उससे कहा कि मां के बारे में सोचो, तो कुनाल ने बेबसी से कहा अब कोई समाधान नहीं है, बस एक ही रास्ता बचा है.
करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद जब पिता मुरलीधर उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़े, तो दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे ढलान से नीचे गिर गए. पति और बेटे को गिरता देख मां संगीता ने भी छलांग लगा दी.
अलगअलग हुआ अंतिम संस्कार
परिवार का बिखराव मौत के बाद भी नजर आया. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। कुनाल और उसकी मां संगीता का अंतिम संस्कार मुकुंदवाड़ी में किया गया, जबकि पिता मुरलीधर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में हुआ. मुरलीधर के बुजुर्ग मातापिता अपने बेटे का चेहरा तक नहीं देख सके और रोरोकर उनका बुरा हाल है. पुलिस अब पारिवारिक कलह, सोशल मीडिया एंगल और जमीन विवाद के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.



