जम्मूकश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर जारी नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है. पार्टी से इस्तीफा देने के बाद सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने उन्हें लोगों को धोखा देने के लिए इस्तेमाल किया. रुहुल्लाह ने कहा कि वह राजनीति से दूर जा रहे थे, लेकिन पार्टी के नेताओं ने उन्हें इसमें खींच लिया. अब जब पार्टी को अपने वादों पर कायम रहना था, तो उसने ऐसा नहीं किया.

रुहुल्लाह ने अपने संबोधन में कहा कि उनके साथ गलत हुआ है. उन्हें लोगों के सामने एक भरोसे के तौर पर पेश किया गया, लेकिन बाद में उसी भरोसे को तोड़ दिया गया. उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने उनका इस्तेमाल किया और लोगों को धोखा देने के लिए उन्हें आगे किया. उनके मुताबिक, अगर पार्टी को आखिर में यही करना था तो उन्हें राजनीति में लाने की जरूरत ही क्या थी.
इस्तीफे के बाद सुकून में होने की बात कही
आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने अपने इस्तीफे को लेकर कहा कि आमतौर पर किसी नेता की कुर्सी जाने पर दुख और मायूसी का माहौल होता है, लेकिन उनके मामले में ऐसा नहीं है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वह इस्तीफे के बाद सुकून महसूस कर रहे हैं. उनके इस बयान को नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व के प्रति उनकी नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है.
उन्होंने सत्ता और सम्मान के बीच अंतर बताते हुए भी पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा. रुहुल्लाह ने कहा कि सत्ता में होने का मतलब यह नहीं है कि किसी को लोगों का सम्मान भी मिल रहा है. उनके मुताबिक, पार्टी नेतृत्व जिस व्यवस्था और पद पर बैठा है, वहां भी मायूसी है और जनता के बीच भी निराशा है. उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भी चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें यहां आकर देखना चाहिए कि असली इज्जत किसे मिलती है.
रैना बोले बीजेपी का कोई लेनादेना नहीं
आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के इस्तीफे और नेशनल कॉन्फ्रेंस में बढ़ती नाराजगी पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविंद्र रैना ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से भारतीय जनता पार्टी का कोई लेनादेना नहीं है. यह नेशनल कॉन्फ्रेंस का पूरी तरह आंतरिक मामला है.
रविंद्र रैना ने कहा कि रुहुल्लाह का इस्तीफा नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि रुहुल्लाह सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि धार्मिक गुरु भी हैं और उनसे बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं. ऐसे में उनका पार्टी छोड़ना उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.
रैना ने यह भी कहा कि एक तरफ रुहुल्लाह की नाराजगी सामने आई है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के करीब 25 विधायकों के नाराज होने की खबरें भी हैं. उनके मुताबिक, पार्टी के भीतर बन रहे ऐसे हालात नेशनल कॉन्फ्रेंस और उसकी सरकार के लिए चिंता का विषय हैं. हालांकि, उन्होंने दोहराया कि बीजेपी का इस पूरे मामले में कोई हाथ नहीं है.



