Jalgaon News: महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एक कार्रवाई ने जिला परिषद प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है. सड़क निर्माण का 10 लाख रुपये का बिल पास करने के बदले महज 10,000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए जिला परिषद के निर्माण विभाग के उपविभागीय अधिकारी सतीश मन्सुलाल शिसोदे के घर और बैंक लॉकर की तलाशी में 5 करोड़ 16 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है.

ACB की इस कार्रवाई में 2.5 किलो से अधिक सोना, 11 किलो से ज्यादा चांदी, प्लैटिनम के आभूषण, दो मकान और लाखों की नकदी जब्त की गई है. जानकारी के मुताबिक, धरनगांव तालुका के पिंप्री खुर्द में सड़क कंक्रीटीकरण के 10 लाख रुपये के बिल को मंजूर करने के बदले पहले 15,000 रुपये की मांग की गई थी, जो बाद में 10,000 रुपये में तय हुई.

2 नवंबर 2026 को ACB ने जाल बिछाकर कनिष्ठ अभियंता भागवत वसंत चवरे को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये स्वीकार कर उपविभागीय अधिकारी सतीश शिसोदे को सौंपते हुए रंगेहाथ पकड़ा. जिला पेठ पुलिस स्टेशन में दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

घर और बैंक लॉकर से मिला कुबेर का खजाना, 5.16 करोड़ का मूल्यांकन

घर से बरामद संपत्ति

नकदी: 7,97,920
पहला मकान: 45 लाख
दूसरा मकान: 65 लाख
फर्नीचर व इलेक्ट्रॉनिक सामान: लगभग 24 लाख

बैंक लॉकर से मिली संपत्ति

सोना : 3,51,09,153
चांदी : 19,53,991
प्लैटिनम : 3,55,286
कुल संपत्ति का मूल्यांकन: 5,16,88,389 .

आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करने की तैयारी

ACB अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि एक सरकारी अधिकारी के पास उसकी ज्ञात आय के मुकाबले इतनी बड़ी मात्रा में संपत्ति कहां से आई. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। अधिकारी के वेतन, बैंक खातों, रियल एस्टेट निवेश और आभूषणों की खरीद से जुड़े सभी वित्तीय दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है.