गॉल, 16 अगस्त केएल राहुल ने भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के पहले दिन रिटायर्ड हर्ट होने से पहले 77 रन बनाकर इस दौरे के लिए अपनी सुनियोजित तैयारी और परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने की अपनी मानसिकता का शानदार नमूना पेश किया। उन्होंने जब प्रभात जयसूर्या पर शानदार कवर ड्राइव से चौका लगाया तो श्रीलंका का यह प्रमुख गेंदबाज भी खुद को मुस्कुराने से नहीं रोक पाया। इससे न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के धीमी गति के गेंदबाजों के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली हार के बाद स्पिनरों को खेलने के भारतीय टीम के नए आत्मविश्वास का भी पता चलता है।

ऐसे समय में भारतीय टीम के सबसे सीनियर बल्लेबाज राहुल ने श्रीलंकाई स्पिनरों को रोकने का जिम्मा अपने कंधों पर लिया। राहुल ने इसके लिए मुंबई के विंग्स स्पोर्ट्स सेंटर में व्यापक तैयारी की थी। इस सेंटर का संचालन पूर्व भारतीय खिलाड़ी और चयनकर्ता जतिन परांजपे करते हैं।

राहुल के साथी सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने भी वहां अभ्यास किया था। राहुल के पहले कोच सैमुअल जयराज को इस बल्लेबाज के प्रदर्शन पर जरा भी हैरानी नहीं हुई। उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘वह शुरू से ही मेहनती और दृढ़ निश्चय वाले खिलाड़ी रहे हैं।

उनका दिमाग और तकनीक दोनों ही मजबूत हैं। लेकिन उससे भी बढ़कर वह हमेशा सीखने और परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने के लिए तैयार रहते हैं।’’ जयराज ने कहा, ‘‘एक बार अच्छी शुरुआत मिलने पर राहुल जानते हैं कि इसका पूरा फायदा कैसे उठाना है। मेरे विचार में उनके लिए सबसे ज़रूरी था लंबे समय तक अपनी एकाग्रता बनाए रखना।

अब वह स्ट्राइक रोटेट करने में भी काफी माहिर हो गए हैं।’’ गॉल में चल रहे टेस्ट मैच में कर्नाटक के इस बल्लेबाज का अर्धशतक इसका प्रमाण था। राहुल ने 77 रन बनाने के लिए 162 गेंदें खेलीं लेकिन उन्हें हाथ में दर्द के कारण मैदान छोड़ना पड़ा। उन्होंने भले ही धीमी बल्लेबाजी की लेकिन इससे उनके साथी खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका मिला।

लेकिन एक सलामी बल्लेबाज के रूप में राहुल व्यक्तिगत रिकॉर्ड के बजाय टीम के हित को अधिक महत्व देते हैं। भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने टीम के लिए राहुल द्वारा निभाई जाने वाली जिम्मेदारी का जिक्र किया। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आपने देखा है, जब वह एकदिवसीय मैच में खेलते हैं तो वह छठे या पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं।

इसलिए, जब आप सीनियर बल्लेबाज हैं और यदि आप किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने और टीम की मदद करने के लिए तैयार होते हैं तो मुझे लगता है कि ऐसा खिलाड़ी टीम के लिए बहुत अच्छा होता है।’’ कोटक ने कहा, ‘‘इसलिए वह किसी भी टीम के लिए बहुत उपयोगी खिलाड़ी है। जिस तरह से वह बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह बहुत सारी जिम्मेदारियां ले रहे हैं।