देवदत्त पडिक्कल की शानदार 167 रन की पारी के बावजूद श्रीलंका के गेंदबाजों ने दूसरे दिन बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारत को दबाव में रखा। बारिश से प्रभावित पहले टेस्ट के दूसरे दिन रविवार को चाय तक भारत ने पांच विकेट पर 364 रन बना लिए थे। लगातार बारिश और मैदान गीला होने के कारण दिन का खेल दोपहर 2:35 बजे शुरू हो सका।

इस लंबे अंतराल का फायदा श्रीलंकाई गेंदबाजों को मिला और वे पहले दिन की तुलना में अधिक अनुशासित लाइन एवं लेंथ के साथ गेंदबाजी करते नजर आए। भारत ने दिन की शुरुआत दो विकेट पर 288 रन से की थी। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। बीते दिन के स्कोर 27 रन के स्कोर से आगे खेलने उतरे ऋषभ पंत आज क्रीज पर आने के बाद कुछ असहज दिखे।

वह ऑफ स्पिनर केशरा नुवांथा के खिलाफ संघर्ष करते दिखे। नुवांथा ने भारत के आक्रमक बल्लेबाजों के खिलाफ फालाइटेड गेंद का अच्छा इस्तेमाल किया। ऐसी ही एक गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में पंत 39 रन बनाकर मिडऑफ पर सोनल दिनूषा को कैच दे बैठे।

शनिवार को ऐंठन के कारण 77 रन पर रिटायर हर्ट हुए लोकेश राहुल केवल चार रन जोड़कर नुवांथा की गेंद के टर्न और उछाल को समझने में नाकाम रहे और शॉर्ट लेग पर निशान मधुशंका को आसान कैच थमा दिया। महज 12 रन के भीतर पंत और राहुल जैसे दो बड़े विकेट हासिल करने से श्रीलंकाई गेंदबाजों का आत्मविश्वास बढ़ा, लेकिन वे पडिक्कल को परेशान नहीं कर सके। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने पिछले दिन की तरह धैर्य और नियंत्रण के साथ बल्लेबाजी करते हुए मेजबान गेंदबाजों को बेअसर रखा।

कर्नाटक के इस खिलाड़ी ने दिन की शुरुआत 131 रन से की थी। उन्होंने तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो की गेंद पर चौका लगाकर 215 गेंदों में 150 रन का आंकड़ा छुआ। पडिक्कल और ध्रुव जुरेल ने पांचवें विकेट के लिए 38 रन जोड़े।

पडिक्कल को प्रभात जयसूर्या की गेंद पर विकेटकीपर निरोशन डिकवेला ने स्टंप किया। पडिक्कल ने अपनी पारी में 230 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौके और एक छक्का लगाया। चाय के समय ध्रुव जुरेल 19 और रवींद्र जडेजा चार रन बनाकर क्रीज पर थे।

दोनों की कोशिश अंतिम सत्र में कुछ और रन जोड़कर श्रीलंका पर बढ़त मजबूत करने की होगी।