दलाल स्ट्रीट पर अगस्त का महीना शुगर स्टॉक्स के लिए बेहद शानदार साबित हुआ है. इस सेक्टर ने बाजार के सबसे मजबूत हिस्सों में अपनी जगह बना ली है. चीनी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण शेयरों में शानदार उछाल देखने को मिला है. घरेलू के साथ ही वैश्विक स्तर पर सप्लाई को लेकर पैदा हुई चिंताओं ने मिलों की कमाई बढ़ने की उम्मीदों को हवा दी है.

किन शेयरों ने भरा निवेशकों की झोली
इस तेजी में अवध शुगर एंड एनर्जी ने बाजी मारी है. 31 जुलाई को इसका शेयर 504.65 रुपये पर था, जो उछलकर 804.15 रुपये पर पहुंच गया. इसी तरह द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज में 38.01 फीसदी के साथ ही डालमिया भारत शुगर में 35.63 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. उत्तम शुगर मिल्स, मवाना शुगर्स, धामपुर शुगर मिल्स जैसे शेयरों ने भी 25 से 33 फीसदी तक का शानदार रिटर्न दिया. दिग्गज कंपनियों की बात करें तो बलरामपुर चीनी मिल्स 10.63 फीसदी चढ़कर 648.90 रुपये पर आ गया. हालांकि, गोदावरी बायोरिफाइनरीज का शेयर 8.51 फीसदी लुढ़क गया.
तेजी के बाद वैल्युएशन पर उठते सवाल
शेयरों में इस तूफानी तेजी ने वैल्युएशन को लेकर बहस छेड़ दी है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। अविनाश मेंटर रिसर्च के संस्थापक अविनाश गोरक्षकर का मानना है कि ये रैली सेक्टर की रीरेटिंग को दर्शाती है. बाजार अब इन कंपनियों को सिर्फ कृषि कारोबार नहीं, बल्कि ग्रीन एनर्जी के तौर पर देख रहा है. हालांकि, उनका कहना है कि 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा पहले ही शेयरों की कीमत में शामिल हो चुका है. इनवेस्ट पीएमएस के बिजनेस हेड हर्षल दासानी का भी मानना है कि बाजार ने अगली दो तिमाहियों के मुनाफे की कीमत पहले ही चुका दी है.
| कंपनी का नाम | LTP | 31 जुलाई को शेयर की कीमत | रिटर्न % |
| अवध शुगर एंड एनर्जी | ₹804.15 | ₹504.65 | 59.35% |
| बजाज हिंदुस्तान शुगर | ₹21.14 | ₹16.77 | 26.06% |
| बलरामपुर चीनी मिल्स | ₹648.90 | ₹586.55 | 10.63% |
| बन्नारी अम्मन शुगर्स* | ₹3,760.00 | ₹3,431.05 | 9.59% |
| डालमिया भारत शुगर | ₹476.00 | ₹350.95 | 35.63% |
| डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज | ₹46.77 | ₹39.17 | 19.40% |
| धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स | ₹123.73 | ₹97.85 | 26.45% |
| धामपुर शुगर मिल्स | ₹171.00 | ₹135.10 | 26.57% |
| द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज | ₹51.23 | ₹37.12 | 38.01% |
| ई.आई.डी. पैरी | ₹795.35 | ₹759.40 | 4.73% |
| गोदावरी बायोरिफाइनरीज | ₹239.30 | ₹261.55 | 8.51% |
| मगध शुगर एंड एनर्जी | ₹552.05 | ₹499.90 | 10.43% |
| मवाना शुगर्स | ₹141.80 | ₹107.00 | 32.52% |
| श्री रेणुका शुगर्स | ₹23.42 | ₹21.85 | 7.19% |
| द उगार शुगर वर्क्स | ₹50.69 | ₹40.73 | 24.45% |
| त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज | ₹282.35 | ₹222.30 | 2% |
अगले दौर की तेजी के लिए जरूरी ट्रिगर
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस मोमेंटम को बनाए रखने के लिए नए ट्रिगर्स की जरूरत होगी. अगर सरकार एथेनॉल के दाम बढ़ाती है, तो शेयरों में फिर से नई तेजी आ सकती है. इसके अलावा ब्राजील के साथ थाईलैंड जैसे बड़े उत्पादक देशों में खराब मौसम की वजह से ग्लोबल सप्लाई प्रभावित हुई है. अगर वैश्विक स्तर पर चीनी की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारतीय मिलों को इसका सीधा फायदा मिलेगा. दासानी के अनुसार सरकार द्वारा एक्सपोर्ट पर रोक या कोटा सख्ती जैसे कदम इस तेजी पर ब्रेक लगा सकते हैं.
मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनियों पर फोकस
आने वाले समय में सिर्फ चीनी उत्पादन नहीं, बल्कि एथेनॉल क्षमता कंपनियों का भविष्य तय करेगी. कर्जमुक्त होने के साथ एथेनॉल पर फोकस करने वाली कंपनियां ज्यादा सुरक्षित मानी जा रही हैं. इक्विटी99 के हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने बलरामपुर चीनी मिल्स को इस सेक्टर का टॉप पिक बताया है. ये कंपनी बाजार की लीडर है. इसकी पेराई क्षमता 77500 टीसीडी है. इसके साथ ही डिस्टिलरी क्षमता 560 केएलडी है. जानकारों का कहना है कि एथेनॉल की कीमतें व सरकारी नीतियां ही इन शेयरों की अगली दिशा तय करेंगी.



