अगर आप आने वाले दिनों में नया मोबाइल, टीवी या कोई कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपके लिए एक अहम खबर है. स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली कंपनियों से लेकर प्रमुख ऑटोमोबाइल्स कंपनियां अगले 15 दिनों के अंदर अपनी कीमतों में मामूली इजाफा करने जा रही हैं. पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रहे बदलावों ने कंपनियों पर भारी दबाव बना दिया है. हालांकि, ग्राहकों के लिए राहत की बात ये है कि नवंबर के अंत तक कीमतों में कोई और बढ़ोतरी नहीं की जाएगी.

त्योहारी सीजन में महंगाई का हल्का झटका

मारुति सुजुकी, हुंडई मोटर इंडिया के साथ टाटा मोटर्स जैसी देश की टॉप कार निर्माता कंपनियां त्योहारी सीजन से पहले कारों के दाम बढ़ा रही हैं. टाटा मोटर्स अपनी गाड़ियों की कीमत में 25,000 रुपये तक की बढ़ोतरी कर रही है. हुंडई की कारों के दाम भी 1% तक बढ़ेंगे. वहीं, मारुति सुजुकी ने अगस्त में ही अपनी कारों के दाम 30,000 रुपये तक बढ़ा दिए थे. मारुति का इस साल ये दूसरा प्राइस हाइक है. हुंडई से लेकर टाटा मोटर्स इस साल तीसरी बार कीमतें बढ़ा रही हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर स्मार्टफोन्स के मामले में भी ठीक ऐसा ही रुख देखा जा रहा है.

त्योहारी सीजन तक कीमतों पर लगेगी ब्रेक

इंडस्ट्री के बड़े अधिकारियों का कहना है कि ये प्राइस हाइक पहले के मुकाबले काफी कम होगा. कुछ मामलों में तो ये इस साल की सबसे छोटी बढ़ोतरी होगी. कंपनियां नहीं चाहतीं कि त्योहारी सीजन में ग्राहकों का मूड खराब हो. हायर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव सतीश एनएस ने बताया कि वे 1 सितंबर से कीमतों में करीब 2% का इजाफा कर रहे हैं. ये बढ़ोतरी कम से कम दिवाली तक लागू रहेगी. कंपनियों ने कमोडिटी के बढ़ते दाम से लेकर रुपये की गिरती कीमत का 34% असर खुद बर्दाश्त किया है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। ऐसा इसलिए किया गया ताकि फेस्टिव सीजन की डिमांड पर बुरा असर न पड़े. ऑटोमोबाइल डीलर्स की संस्था एफएडीए के उपाध्यक्ष साई गिरिधर भी मानते हैं कि त्योहारी सीजन का माहौल बन रहा है. ग्राहकों का मूड अच्छा है, ऐसे में कोई भी अतिरिक्त बढ़ोतरी सेंटिमेंट को बिगाड़ सकती है.

मांग घटने के डर से संभलकर चल रही कंपनियां

कंपनियों की इस सावधानी के पीछे एक बड़ी वजह मार्केट में घटती डिमांड भी है. कीमतों में 3545% तक के भारी उछाल के बाद स्मार्टफोन की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 10% की गिरावट आई है. क्रोमा चेन का मालिकाना हक रखने वाली टाटा की इनफिनिटी रिटेल के चीफ एग्जीक्यूटिव शिबाशीष रॉय मानते हैं कि स्मार्टफोन ब्रांड्स को समझ आ गया है कि लगातार दाम बढ़ाने से डिमांड को भारी नुकसान पहुंच सकता है. उनका कहना है कि ब्रांड्स 20,000 रुपये से कम वाले मॉडल्स की संख्या घटा रहे हैं. इससे महंगे मॉडल्स से लागत को कवर करने में काफी मदद मिल रही है.

कच्चे माल की कीमतों में उछाल बनी बड़ी वजह

आखिर ये दाम बढ़ क्यों रहे हैं? इसके पीछे कई कारण हैं. पश्चिम एशिया में चल रहे संकट की वजह से कच्चे माल की कीमतों से लेकर माल ढुलाई का खर्च काफी बढ़ गया है. साथ ही रुपये की कमजोरी ने भी लागत बढ़ाने का काम किया है. इसके अलावा, मेमोरी चिप की कीमतें भी आसमान छू रही हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि चिप की सप्लाई को बड़े पैमाने पर एआई डेटा सेंटर्स की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है.

नवरात्रि से लेकर दिवाली तक का एक महीने का समय कंपनियों के लिए बहुत खास होता है. इस दौरान सालाना कार बिक्री का 18% हिस्सा आता है. वहीं, स्मार्टफोन से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की सालाना बिक्री का 2535% हिस्सा सिर्फ इसी फेस्टिव सीजन में बिकता है. इसलिए कंपनियां इस बार बीच का रास्ता निकाल रही हैं, जिससे उनका नुकसान भी कम हो सके, साथ ही ग्राहकों की जेब पर ज्यादा बोझ भी न पड़े.