दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया है कि एक बार फिर भारतीय टेस्ट टीम में उनकी वापसी की चर्चा तेज हो गई है। साउथ जोन के खिलाफ चेन्नई में खेले जा रहे फाइनल में किशन ने 270 गेंदों पर शानदार दोहरा शतक जड़ दिया। उनकी इस पारी ने ईस्ट जोन को 550 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

270 गेंदों में दोहरा शतक, किशन ने रचा इतिहास

ईशान किशन ने फाइनल में शुरुआत से ही धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। पहले दिन उन्होंने नाबाद 111 रन बनाए और दूसरे दिन अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए दोहरा शतक पूरा किया। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। उनकी पारी में 25 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।

किशन के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि वह दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन की ओर से दोहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। साथ ही उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 4000 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया है।

टेस्ट टीम में वापसी के लिए मजबूत दावा

ईशान किशन ने आखिरी बार भारत के लिए टेस्ट मैच 2023 में खेला था। इसके बाद वह लंबे समय तक टीम से बाहर रहे, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करके उन्होंने दोबारा चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। दलीप ट्रॉफी फाइनल जैसी बड़ी स्टेज पर कप्तानी करते हुए दोहरा शतक लगाना उनके दावे को और मजबूत करता है।

हाल के समय में किशन ने घरेलू क्रिकेट में लगातार बड़ी पारियां खेली हैं। ऐसे में टेस्ट टीम में विकेटकीपरबल्लेबाज के विकल्पों पर चर्चा के बीच उनका नाम फिर मजबूती से सामने आ रहा है।

क्या ऋषभ पंत की जगह को खतरा?

ऋषभ पंत भारतीय टेस्ट टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक रहे हैं और उनकी जगह सिर्फ एक घरेलू पारी के आधार पर खतरे में नहीं मानी जा सकती। हालांकि, ईशान किशन का लगातार शानदार प्रदर्शन टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के सामने विकेटकीपर स्लॉट के लिए विकल्प जरूर बढ़ाता है।

किशन का यह दोहरा शतक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने दबाव वाले फाइनल में बड़ी पारी खेली है। अगर वह आगे भी रेडबॉल क्रिकेट में इसी तरह रन बनाते रहे, तो भारतीय टेस्ट टीम में वापसी के लिए उनका दावा और मजबूत हो सकता है। फिलहाल पंत की जगह पर कोई तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन ईशान किशन ने चयनकर्ताओं को साफ संदेश जरूर दे दिया है—वह टेस्ट टीम के दरवाजे पर फिर दस्तक दे चुके हैं।