: कांग्रेस के अध्यक्ष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस नेता असीम वकार को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। अध्यक्ष अजय राय मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करने और पीड़ितों से मिलने प्रतिनिधिमंडल के साथ जा रहे थे। कांग्रेस पार्टी मुख्यालय से ही गिरफ्तारी हुई।

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को ध्वस्त करने की घटना के पीड़ितों और मस्जिद कमेटी के सदस्यों से मिलने जाने से मुझे और हमारे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए भाजपा सरकार के इशारे पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरी तरह से तानाशाही रवैया अपनाया है।
भाजपा सरकार के सीधे कहने पर पुलिस… pic.twitter.com/xL55E8GhWQ
— Ajay Rai🇮🇳 September 7, 2026
5 सितंबर को सहारनपुर में तोड़ी गई थी मस्जिद
में 5 सितंबर को मस्जिद को बुलडोजर से तोड़ा गया था। प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध कर रही है। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय अपने प्रतिनिधिमंडल इसलिए सहारनपुर जा रहे थे। आपको बता दें कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी करके आपत्ति जताई है।
‘इस्लामी विरासत मिटाने का व्यापक अभियान’
के विदेश मंत्रालय ने सहारनपुर की मस्जिद गिराने को एक ऐतिहासिक इस्लामिक धार्मिक स्थल के खिलाफ की गई कार्रवाई बताया और आरोप लगाया कि ये इस्लामी विरासत को मिटाने के ‘व्यापक अभियान’ का हिस्सा है। ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी इस घटना पर ध्यान देने की अपील की। इसके साथ ही धार्मिक स्वतंत्रता के कथित उल्लंघन का आरोप लगाकर भारतीय अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
रिहा किए गए यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय
सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के पीड़ितों से मिलने जा रहे मुझ समेत सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस ने बल प्रयोग कर गिरफ्तार कर लिया था।
अब इको गार्डन, लखनऊ से हमारी रिहाई हो गई है।
भाजपा सरकार जितनी चाहे ताकत लगा ले, न हम डरेंगे और न ही पीड़ितों के… pic.twitter.com/Y5Kh89GCtf
— Ajay Rai🇮🇳 September 7, 2026
सहारनपुर जा रहे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। कुछ घंटों बाद ईको गार्डन लखनऊ से सभी को रिहा कर दिया गया।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा
जुलाई में सिटी मजिस्ट्रेट के कोर्ट ने आदेश में ये माना था कि के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद का ढांचा सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाया गया था। कोर्ट ने इसे हटाने का आदेश दिया था। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। मस्जिद प्रबंधन ने जिला कोर्ट में अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद मस्जिद गिराने की कार्रवाई की गई।
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मलबे के नीचे मिला कुआं
यूपी के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद तोड़ने के अगले दिन मलबा हटाने के दौरान जमीन के नीचे एक भारीभरकम स्लैब दिखाई दिया। उसे हटाने के लिए पहले पोकलेन मशीन का इस्तेमाल किया गया, लेकिन स्लैब इतना मजबूत था कि मशीन भी उसे तोड़ नहीं सकी। स्लैब को काटकर हटाने के बाद एक कुआं मिला जो करीब 20 फीट गहरा है। कुएं की उम्र और उसके संभावित ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व का पता लगाने के लिए अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम जांच करेगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि ये कुआं कितना पुराना है और इसका कोई ऐतिहासिक महत्व है या नहीं। ASI पुरानी संरचना से जुड़े सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।



