आगरा पूनम चौधरी हत्याकांड: दिनदहाड़े बहन को मारी थी गोली, 3 साल बाद कोर्ट ने भाई को सुनाई फांसी की सजा​

News Just Abhi Agra News: आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुए बहुचर्चित पूनम चौधरी हत्याकांड में कोर्ट ने बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मृदुल दुबे की अदालत ने सगी बहन की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी ललित चौधरी उर्फ निक्कू चौधरी को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है. अदालत ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का अपराध मानते हुए दोषी पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है.

आगरा पूनम चौधरी हत्याकांड: दिनदहाड़े बहन को मारी थी गोली, 3 साल बाद कोर्ट ने भाई को सुनाई फांसी की सजा​

प्रॉपर्टी विवाद बना हत्या की वजह

अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोषी ललित चौधरी और उसकी बहन पूनम चौधरी के बीच लंबे समय से पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था. इसी विवाद ने आखिरकार खूनी रूप ले लिया. 26 नवंबर 2022 को शाहगंज थाना क्षेत्र के जोगीपाड़ा बाजार में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद ललित ने सरेआम अपनी बहन पूनम को गोली मार दी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई थी. बाजार में मौजूद लोगों के सामने हुई इस हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था.

बीचबचाव में आई भाभी भी हुई थी घायल

घटना के दौरान जब परिवार के अन्य सदस्य बीचबचाव के लिए आगे आए तो ललित चौधरी ने उन पर भी हमला कर दिया. इस दौरान उसकी भाभी नीलू चौधरी भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चला. पुलिस ने घटना के बाद हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी.

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने किया था गिरफ्तार

वारदात को अंजाम देने के बाद दोषी ललित चौधरी फरार हो गया था. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया और लगातार दबिश दी. घटना के दो दिन बाद 28 नवंबर 2022 को पुलिस और ललित के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें ललित को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध हथियार भी बरामद किया था. गिरफ्तारी के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया और मामले की सुनवाई अदालत में शुरू हुई.

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण प्रस्तुत किए. सभी साक्ष्यों की जांच करने के बाद अदालत ने ललित को दोषी माना. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि संपत्ति के लालच में सगी बहन की हत्या करना और परिवार के अन्य सदस्य पर जानलेवा हमला करना अत्यंत जघन्य अपराध है. ऐसे अपराध समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं.

अदालत ने दिया सख्त संदेश

अदालत ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ यानी दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी का मानते हुए दोषी ललित चौधरी उर्फ निक्कू चौधरी को फांसी की सजा सुनाई. न्यायालय ने अपने फैसले के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि पारिवारिक रिश्तों को कलंकित करने वाले और संपत्ति के लिए हत्या जैसे जघन्य अपराध करने वालों के प्रति कानून किसी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा.

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