बिहार के बेतिया में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां 37 साल के एक युवक ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी. मृतक की पहचान छठू पासवान के रूप में हुई है. वह मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे थे और पिछले तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती थे. हैरानी की बात यह है कि महज 20 दिन पहले ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ था. परिवार में पहले से छह बेटियां हैं. बेटे के जन्म की खुशियां अभी खत्म भी नहीं हुई थीं कि पिता की मौत से परिवार में मातम पसर गया.

मृतक छठू पासवान बेतिया के बैरिया थाना क्षेत्र के तधवनंदपुर गांव के रहने वाले थे. उनके पिता का नाम खेसारी पासवान है. परिवार के मुताबिक, छठू की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी. इसी वजह से उन्हें शुक्रवार को बेतिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
वह अस्पताल के सी ब्लॉक स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थे. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। परिवार के सदस्य उनकी देखभाल के लिए अस्पताल में मौजूद थे. रविवार की रात भी उनके बड़े भाई महातम पासवान और भतीजे सूरज पासवान उनके साथ थे.
भाई और भतीजे को सोने के लिए कहा
मृतक के बड़े भाई महातम पासवान ने बताया कि रविवार रात खाना खाने के बाद तीनों आपस में बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान छठू ने भाई और भतीजे से कहा कि वे पिछले तीन दिनों से लगातार जाग रहे हैं, इसलिए अब उन्हें आराम कर लेना चाहिए.
छठू की बात मानकर दोनों सो गए. रात करीब 12 बजे जब महातम पासवान की नींद खुली तो छठू अपने बेड पर नहीं थे. इसके बाद भाई और भतीजे ने अस्पताल में उनकी तलाश शुरू कर दी.
तीसरी मंजिल से गिरने के बाद हुई मौत
परिजनों के मुताबिक, छठू की तलाश के दौरान अस्पताल परिसर में अचानक किसी के नीचे गिरने की तेज आवाज सुनाई दी. आवाज सुनकर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे.
अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने एक युवक खून से लथपथ हालत में पड़ा था. परिवार के लोगों ने पास जाकर देखा तो वह छठू पासवान थे. बताया जा रहा है कि तीसरी मंजिल से गिरने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
20 दिन पहले घर में बेटे का हुआ था जन्म
छठू पासवान छह भाइयों में सबसे छोटे थे. उनके परिवार में पत्नी माधुरी देवी और छह बेटियां हैं. करीब 20 दिन पहले माधुरी देवी ने एक बेटे को जन्म दिया था. बेटे के जन्म के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल था.



