
Gold price in Bihar and Jharkhand: सोने और चांदी की कीमतों पर सोमवार, 26 अक्टूबर को दबाव देखने को मिला। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से महंगाई की चिंता सता रही है। इसके चलते अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें भी तेज हो गई हैं। कीमती धातुओं का भविष्य समझने के लिए निवेशक ग्लोबल इकॉनमी पर नजर बनाए हुए हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले कारोबारी सत्र में सोने के दाम गिर गए, जबकि चांदी में और भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह सुस्ती इंटरनेशनल मार्केट में भी दिखी, जहां सोमवार की शुरुआती ट्रेडिंग में दोनों कीमती धातुएं सस्ते में ट्रेड कर रही थीं।
लेटेस्ट मार्केट डेटा के मुताबिक, लगातार बढ़ती महंगाई के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें ऊंची रख सकता है, इसी डर से इंटरनेशनल मार्केट में सोना सस्ता हुआ है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक उन जगहों पर पैसा लगाना पसंद करते हैं जहां उन्हें अच्छा रिटर्न मिले।
आज के सोने-चांदी के रेट: शहर के हिसाब से कीमतें
शहर 22K सोना (10g) 24K सोना (10g) चांदी (1kg)
दिल्ली Rs 1,30,176 Rs 1,42,010 Rs 1,95,900
मुंबई Rs 1,30,396 Rs 1,42,250 Rs 1,96,240
कोलकाता Rs 1,30,231 Rs 1,42,070 Rs 1,95,980
चेन्नई Rs 1,30,781 Rs 1,42,670 Rs 1,96,810
बेंगलुरु Rs 1,30,506 Rs 1,42,370 Rs 1,96,400
हैदराबाद Rs 1,30,607 Rs 1,42,480 Rs 1,96,550
सोने और चांदी के दाम क्यों गिर रहे हैं?
कीमती धातुओं के बाजार पर कच्चे तेल की कीमतें बड़ा असर डाल रही हैं। तेल महंगा होने से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में केंद्रीय बैंक लंबे समय तक अपनी सख्त मौद्रिक नीति (ब्याज दरें ऊंची रखना) जारी रख सकते हैं।
23 अक्टूबर को MCX पर सोने का वायदा भाव गिर गया था, जबकि चांदी में भारी गिरावट आई थी। सोमवार को इंटरनेशनल मार्केट में भी दोनों धातुओं पर दबाव दिखा, जो महंगाई और अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता को दर्शाता है।
खरीदारों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
इंटरनेशनल बुलियन ट्रेंड, करेंसी के उतार-चढ़ाव, ब्याज दरों की उम्मीदों और निवेशकों के मूड के हिसाब से सोने-चांदी की कीमतें बदलती रहती हैं। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा, लोकल टैक्स और बाजार के अन्य कारणों से घरेलू कीमतों में भी बदलाव आ सकता है।
अगर आप ज्वेलरी, सिक्के या बुलियन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले अपने लोकल डीलर से लेटेस्ट रेट जरूर चेक कर लें। याद रखें कि ज्वेलरी के बिल में धातु की कीमत के अलावा मेकिंग चार्ज और टैक्स भी जुड़े होते हैं। कीमती धातुओं की अगली चाल समझने के लिए निवेशक कच्चे तेल की कीमतों, महंगाई के आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों पर नजर बनाए रखेंगे।



