खांसीजुकाम या वायरल इंफेक्शन होने पर तुरंत एंटीबायोटिक्स को लेना आजकल कॉमन है. इन दवाओं से असर दिखता है और इन्हें लेना भी आसान है. पर आपने कभी सोचा है कि इसका गट हेल्थ पर क्या असर पड़ता है? बहुत कम लोग जानते हैं कि इन दवाओं का असर सिर्फ बीमारी की वजह बनने वाले बैक्टीरिया तक सीमित नहीं रहता. ये आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया के बैलेंस को प्रभावित कर सकती है. इस वजह से हमारा पाचन तंत्र बिगड़ने लगता है.

ये भी देखा गया है कि कुछ लोगों को एंटीबायोटिक लेने के दौरान या कोर्स पूरा करने के बाद पेट से जुड़ी परेशानियां परेशान करती हैं. एंटीबायोटिक्स के कारण वायरल इंफेक्शन से छुटकारा मिल जाता है लेकिन गट के बिगड़ने का भी खतरा रहता है. हमें किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, चलिए आपको बताते हैं..

पाचन में दिख सकते हैं ये 5 बदलाव

जब आंत माइक्रोबायोम एंटीबायोटिक्स पर प्रतिक्रिया करता है, तो इलाज के दौरान आपको पाचन संबंधी बदलाव दिख सकते हैं. ये हर व्यक्ति में अलग अलग होते हैं.

लूज मोशन लगना: एंटीबायोटिक लेने के बाद पेट साफ करने की आदत में अचानक बदलाव आ सकता है. यह तब हो सकता है जब एंटीबायोटिक्स की वजह से आंतों के काम पर बुरा असर पड़ता है. इस वजह से माइक्रोबियल ग्रुप भी बिगड़ता है और कुछ मामलों में एंटीबायोटिक की वजह से दस्त लग जाते हैं.

हद से ज्यादा ब्लोटिंग या गैस: आंत के बैक्टीरिया फर्मेंटेशन में अहम भूमिका निभाते हैं. जब एंटीबायोटिक्स इन बैक्टीरिया की संरचना को बदलते हैं, तो इस वजह से फर्मेंटेशन के पैटर्न भी बदलाव आ सकता है. इस वजह से हद से ज्यादा ब्लोटिंग या गैस बनने की दिक्कत होने लगती है.

पेट साफ की आदत में बदलाव: एंटीबायोटिक्स पाचन में शामिल माइक्रोबियल प्रोसेस को प्रभावित कर सकते हैं. वे आंतों की गतिशीलता को भी प्रभावित कर सकते हैं. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। कुछ लोगों को बार बार शौच जाना पड़ सकता है, जबकि कुछ को कब्ज का अनुभव हो सकता है.

पेट में ऐंठन या बेचैनी: माइक्रोबायोम में कोई भी बदलाव फर्मेंटेशन और माइक्रोबियल मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है. वे माइक्रोबायोम और आंतों की इम्यूनिटी के बीच कनेक्शन को बिगाड़ सकता है. ऐसे में पेट में ऐंठन या पेट की बेचैनी हो सकती है.

पाचन संबंधी समस्याएं: एंटीबायोटिक कोर्स पूरा होने के बाद भी कुछ आंत संबंधी समस्याएं बनी रह सकती हैं. माइक्रोबियल के ठीक होने में समय लग सकता है. यह ठीक होने की अवधि व्यक्तियों के बीच काफी भिन्न हो सकती है.

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित है और इसका उद्देश्य सिर्फ सामान्य जानकारी प्रदान करना है. टीवी9 हिंदी लेख में शामिल जानकारी की पुष्टि नहीं करता. इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें और स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श करें.