ओडिशा सरकार ने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के खतरे को देखते हुए समुद्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. इसके साथ ही जिलों में पहाड़ियों, झरनों और बांधों में पर्यटकों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. इनमें गंजम, गजपति, रायगढ़ा, मलकानगिरी, कोरापुट और नवरंगपुर जिले शामिल हैं.

आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट के पास बनने वाले चक्रवाती तूफान और खराब मौसम को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है. जिसके अगले 48 घंटों के भीतर पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है. IMD ने चक्रवात को लेकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर भारी बारिश और लैंडफॉल की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है.

मछली पकड़ने रोक

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि ओडिशा सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर समुद्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों पर रोक लगा दी है. साथ ही, छह जिलों में पहाड़ियों, झरनों और बांधों में पर्यटकों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.

संवेदनशील जिलों की निगरानी

अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने दक्षिणी क्षेत्र के संवेदनशील जिलों गंजाम, गजपति, रायगडा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर में अपने संसाधन तैनात कर दिए हैं. सूबे मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात से पहले की तैयारियों की निगरानी के लिए आठ मंत्रियों को अलगअलग जगहों पर तैनात किया है.

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल , ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल , अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा और पुलिस के जवानों वाली बचाव टीमों को संवेदनशील इलाकों में पहले से ही तैनात कर दिया गया है.

बुधवार को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है

भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, ‘अर्नब’ नाम का यह चक्रवाती तूफान बुधवार को पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है. IMD ने सोमवार सुबह जारी अपने बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव पिछले छह घंटों के दौरान लगभग पश्चिम की ओर 15 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा है और अब एक चक्रवाती तूफान में बदल गया है.

बुलेटिन में कहा गया है कि तूफान के पश्चिमउत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने और 26 अक्टूबर की आधी रात तक पश्चिममध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की प्रबल संभावना है. इसके साथ ही, 27 अक्टूबर को इसी क्षेत्र में इसके और अधिक तीव्र होकर ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान’ का रूप लेने का अनुमान है.

ओडिशा सरकार अलर्ट

ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, ‘हालांकि इस तूफान के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की उम्मीद है, फिर भी ओडिशा सरकार कोई जोखिम नहीं लेगी और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी’. मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है. तट से टकराने के बाद, इस मौसमी प्रणाली के ओडिशा के कुछ इलाकों की ओर बढ़ने का अनुमान है.

स्कूस, कॉलेज बंद

मंत्री ने बताया कि समुद्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. इसके अलावा, संवेदनशील माने जा रहे छह जिलों में पर्यटकों के पहाड़ी इलाकों, झरनों, बांधों और अन्य दर्शनीय स्थलों पर जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. खराब मौसम को देखते हुए, इन जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र 28 और 29 अक्टूबर को बंद रहेंगे.

कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

मंत्री ने बताया कि सरकार ने इन जिलों में अपने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. साथ ही, राहत और बचाव कार्यों के समन्वय के लिए कंट्रोल रूम भी खोले गए हैं. वहीं कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वो 8085 प्रतिशत तक पक चुकी फसलों की कटाई कर लें और उन्हें सुरक्षित भंडारित कर लें. मंत्री ने आगे बताया कि किसानों की मदद के लिए विशेष कृषि हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किए गए हैं.