दालमंडी ध्वस्तीकरण पर HC की रोक, 20 जुलाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश​

News Just Abhi Dalmandi Widening Project Stay: वाराणसी के दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण योजना से जुड़े भवन ध्वस्तीकरण मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रभावित पक्ष को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने अगली सुनवाई तक संबंधित संपत्ति की यथास्थिति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगा दी है. कोर्ट की अगली तारीख में बुलडोजर कार्रवाई पर बड़ा फैसला आ सकता है. बता दें कि दबी आवाज में कई लगातार लोग दालमंडी प्रोजेक्ट का लगातार विरोध कर रहे हैं.

दालमंडी ध्वस्तीकरण पर HC की रोक, 20 जुलाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश​

दरअसल, याचिकाकर्ता सैयद अब्बास मुर्तजा शम्सी ने नगर निगम वाराणसी की ओर से 26 मई 2026 को जारी ध्वस्तीकरण नोटिस को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. याचिका में कहा गया कि नोटिस के खिलाफ दाखिल आपत्तियों पर अभी तक कोई अंतिम आदेश पारित या तामील नहीं किया गया है, इसके बावजूद भवन गिराने की कार्रवाई की जा रही है. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सलील कुमार राय और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने की.

कोर्ट ने सभी पक्षकारों से मांगा जवाब

कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को विचारणीय मानते हुए सभी पक्षकारों से जवाब मांगा है. प्रतिवादियों को तीन सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने और याचिकाकर्ता को उसके बाद दो सप्ताह में प्रत्युत्तर दाखिल करने का समय दिया गया है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि हाई कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि 26 मई 2026 के नोटिस से संबंधित संपत्ति पर सभी पक्ष यथास्थिति बनाए रखेंगे.

दालमंडी में बुलडोजर कार्रवाई पर रोक

साथ ही नगर निगम सहित संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई तक किसी भी तरह की ध्वस्तीकरण कार्रवाई करने से रोका जाता है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को होगी, जहां कोर्ट सभी पक्षों के जवाब और दस्तावेजों पर विचार करेगा. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। कोर्ट के आदेश से स्थानीय लोगों और व्यापारियों की स्थाई राहत मिली है, जो कि लगातार चौड़ीकरण के इस प्रोजेक्ट को लेकर परेशान थे. 20 जुलाई को इस मामले में अगली सुनवाई होनी है, तब तक के लिए दालमंडी चौड़ीकरण पर रोक बरकरार रहेगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *