कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के नए शिक्षा मंत्री पर दिए गए बयान से लोकसभा में जोरदार हंगामा छिड़ गया। सत्तापक्ष के सदस्यों ने जोरजोर से विरोध किया, जबकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका के बयान को चरित्र हनन करार देते हुए इसे रिकॉर्ड से हटाने और माफी मांगने की मांग की।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के नए शिक्षा मंत्री पर दिए गए बयान से मंगलवार को लोकसभा में भारी हंगामा हो गया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जबकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका के बयान को चरित्र हनन करार देते हुए इसे रिकॉर्ड से हटाने और माफी मांगने की मांग की। बता दें कि प्रियंका ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने नया शिक्षा मंत्री के तौर पर एक ऐसे व्यक्ति को चुना, जिसने एक गर्भवती रेप पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की। इस पर स्पीकर की नसीहत देते हुए कहा कि बिना तथ्यों के ऐसे बयान न दें। वहीं, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रियंका के बयान को कार्यवाही से हटाए जाएं।

प्रियंका गांधी ने सदन में सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार ने रोजगार पैदा करने वाले सभी क्षेत्रों को लगातार कमजोर किया है। पेपर लीक से करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन किसी को भी सजा नहीं हुई। शिक्षण संस्थाओं में संघ के प्रचारकों को भरभरकर उन्हें खोखला बना दिया गया। एनटीए बनाकर परीक्षा प्रणाली का केंद्रीकरण कर दिया गया। हर साल शिक्षा बजट की हिस्सेदारी घटती चली गई। शिक्षा बजट उससे भी कम है, जितना पूंजीपतियों के लोन माफ किए गए हैं। उन्होंने पूछा कि सरकार की प्राथमिकता क्या है?

उन्होंने आगे कहा कि देश के युवाओं का भरोसा इस सिस्टम से टूट चुका है। भरोसा बनाने के लिए उसी सिस्टम से जवाब नहीं ढूंढा जा सकता। उसके दायरे से बाहर निकलकर ठोस प्रयास करने पड़ते हैं। प्रियंका ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री ने शर्मनाक परिस्थितियों में इस्तीफा दिया, लेकिन संसद में उनका स्वागत ऐसे किया गया जैसे कोई सुपरस्टार पहुंचा हो। उन्होंने कहा कि जब उनको मुकुट पहनाया जा रहा था, महाराष्ट्र का एक परिवार अपनी बेटी के सुसाइड का मातम मना रहा था। जहां शर्म होनी चाहिए, वहां बेशर्मी से स्वागत कराया जा रहा है। कोई आप पर कैसे यकीन करे।

इस दौरान प्रियंका ने नए शिक्षा मंत्री के चयन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने एक ऐसे व्यक्ति को चुना, जिसने एक गर्भवती रेप पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की थी। इस बयान पर स्पीकर ने उन्हें टोका और सत्तापक्ष के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री पर जो टिप्पणी की, वह एक तरीके से चरित्र हनन है। हम ऐसी बातों की उम्मीद नहीं करते। इसे रिकॉर्ड से हटाया जाए। इस तरह की भाषा का इस्तेमाल न करें। संसद में डिबेट के स्तर को न गिराएं। जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर यह बात ऑथेंटिकेट नहीं कर सकतीं तो माफी मांगनी चाहिए।

इससे पहले प्रियंका ने आरएमएल अस्पताल का जिक्र करते हुए कहा कि वे वहां गए थे, जहां घायल छात्रों का इलाज चल रहा था। उनसे कुछ समय पहले स्वास्थ्य मंत्री भी वहां गए थे। जब तक वे पहुंचे, उस लड़की की मां नेताओं के आनेजाने से गुस्से में थी। उसने कहा कि धन्यवाद आप आए हैं, लेकिन हमें किसी से नहीं मिलना। पीड़ा से उसका शरीर कांप रहा था, लेकिन उसने कहा कि वह भी आए, जिन्होंने मेरी बेटी का ये हाल किया। मेरी बेटी की बलि चढ़ गई, लेकिन उसे कुछ भी हो जाए, मैं लड़ूंगी।

प्रियंका ने कहा कि शायद उन्हें यहां खड़े होकर सबके सामने ये बात नहीं कहनी चाहिए, लेकिन उस मां की इजाजत लिए बिना प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से पूछना चाहती हैं कि क्या जरूरत थी उन पर आंसू गैस, लाठियां चलवाने की, लड़कियों के कपड़े फाड़ने की, बच्चियों को जलील करने की। क्या वे आतंकी थे? जवाब दीजिए। किसने ऑर्डर दिया पैलेट गन चलाने का? प्रधानमंत्री ने दिया या गृह मंत्री ने? सिर्फ कांग्रेस पार्टी नहीं, पूरा देश पूछ रहा है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। आपकी जिम्मेदारी बनती है, जवाब दीजिए। क्यों डरते हैं आप नौजवानों से, उनकी आवाज से?