News Just Abhi Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके डालीबाग में सरदार पटेल आवासीय योजना के तहत गरीबों के लिए फ्लैट बनाए गए हैं. इसी बीच, ऐसी खबर फैली कि सिंचाई विभाग ने यहां बने फ्लैटों को अपनी जमीन पर अवैध निर्माण बताते हुए खाली करने का नोटिस चस्पा किया है. अब इस पर अधिकारियों ने अपनी सफाई दी है.

सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ने स्पष्ट किया कि सरदार वल्लभभाई पटेल आवास योजना के तहत निर्मित फ्लैटों पर विभाग की ओर से कोई नोटिस जारी या चस्पा नहीं की गई है. जो नोटिस लगाए गए थे, उनका संबंध आवासीय योजना से नहीं, बल्कि हैदर कैनाल बांध के किनारे अवैध रूप से रह रहे लोगों और झुग्गीझोपड़ियों से था.
गौरतलब है कि डालीबाग स्थित सरदार पटेल आवासीय योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित की गई थी। इस परियोजना के तहत बनाए गए 72 फ्लैटों का आवंटन नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया था। लाभार्थियों को आवंटन पत्र और फ्लैट की चाबियां स्वयं मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल जयंती के अवसर पर 4 नवंबर 2025 को प्रदान की थीं।
यह परियोजना विशेष रूप से इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि इसे उस जमीन पर विकसित किया गया था, जहां कभी माफिया मुख्तार अंसारी का अवैध कब्जा और बंगला मौजूद था। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने करीब 2,314 वर्गमीटर भूमि को कब्जामुक्त कराकर वहां गरीबों के लिए आधुनिक आवास तैयार किए थे।
योजना के तहत चार मंजिला तीन ब्लॉकों में कुल 72 फ्लैट बनाए गए हैं। प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल 36.65 वर्गमीटर है और इसकी लागत लगभग 10.70 लाख रुपये निर्धारित की गई थी। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि योजना पूरी तरह वैध है और फ्लैटों को लेकर फैल रही अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है।