रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. IPO के दूसरे दिन गुरुवार को यह कुल 3.64 गुना सब्सक्राइब हो गया. वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व हिस्सा भी पूरी तरह भर गया है. संस्थागत निवेशकों की ओर से सबसे ज्यादा मांग देखने को मिली है.

निवेशकों का जोरदार रिस्पॉन्स

जियो प्लेटफॉर्म्स का यह IPO करीब 30,213 करोड़ रुपए का है. इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बताया जा रहा है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। यह करीब 20 साल में रिलायंस इंडस्ट्रीज का पहला IPO भी है. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में आने वाले क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने अपने लिए रिजर्व शेयरों के मुकाबले 9.42 गुना बोली लगाई है. वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व हिस्सा दूसरे दिन की बोली शुरू होने के पहले दो घंटों में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया.

IPO के पहले दिन भी निवेशकों ने जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई थी. शुरुआती 90 मिनट में ही पूरा इश्यू सब्सक्राइब हो गया था. बड़े IPO में आमतौर पर आखिरी घंटों में ज्यादा बोलियां आती हैं, लेकिन जियो के मामले में शुरुआत से ही मांग मजबूत रही.

रिलायंस ब्रांड पर निवेशकों का भरोसा

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जियो IPO को रिटेल निवेशकों से मिल रही शानदार मांग के पीछे रिलायंस ब्रांड पर भरोसा भी एक बड़ी वजह है. रिलायंस इंडस्ट्रीज में निवेश करना लंबे समय से कई भारतीय परिवारों के लिए बचत और निवेश का एक अहम जरिया रहा है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 1990 के बाद से करीब 330 गुना बढ़ोतरी हुई है. मुकेश अंबानी ने जून में जियो की लिस्टिंग की घोषणा करते हुए इसे अपने और पूरे रिलायंस परिवार के लिए इमोशनल पल बताया था.

जियो की आगे की क्या है योजना?

जियो ने सस्ते इंटरनेट और मुफ्त कॉलिंग के जरिए देश में डिजिटल सर्विस को तेजी से बढ़ावा दिया है. इससे करोड़ों लोगों के लिए वीडियो स्ट्रीमिंग, डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल आसान हुआ. अब कंपनी की आगे की प्लानिंग 5G नेटवर्क, होम ब्रॉडबैंड, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी सर्विस पर फोकस होगी. रिलायंस की स्ट्रेटजी केवल तेल और केमिकल कारोबार तक सीमित रहने के बजाय रिटेल, टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर सर्विस में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की है.

कितनी हो सकती है जियो की वैल्यूएशन?

IPO के जरिए जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 108.3 अरब डॉलर तक आंकी जा रही है. अगर कंपनी की लिस्टिंग इसी अनुमान के आसपास होती है, तो शेयर बाजार में कारोबार शुरू होने के बाद यह भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो सकती है. कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग 28 अक्टूबर से शुरू होगी. निवेशकों की मजबूत मांग के बीच अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि लिस्टिंग के दिन जियो के शेयर कैसा प्रदर्शन करते हैं.