UP Faked Death: उत्तर प्रदेश के मऊ से एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने पुलिस और पूरे सिस्टम को चौंका दिया। हत्या के मामले में सजा से बचने के लिए आरोपी ने अपनी मौत का ऐसा नाटक रचा कि लोग अंतिम संस्कार को सच मान बैठे। अर्थी निकली, शवयात्रा हुई और श्मशान घाट पर चिता भी जलाई गई। लेकिन जिस चिता को लोग इंसान की आखिरी विदाई समझ रहे थे, उसमें कथित तौर पर एक बकरा जलाया गया था!

2016 का है पूरा मामला
मामला साल 2016 का है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। योगेश की हत्या के मामले में आरोपी राजू उर्फ राजकुमार ने खुद को मृत साबित करने की कथित साजिश रची। बताया जाता है कि अंतिम संस्कार के दौरान वह खुद अर्थी पर लेटा, फिर ऐन वक्त पर उसकी जगह बकरे को चिता पर रखकर जला दिया गया। इतना ही नहीं, श्मशान घाट पर तस्वीरें भी खिंचवाई गईं, ताकि किसी को शक न हो। जब मौत का प्रमाण पत्र जारी हुआ, तो हत्या का मुकदमा भी बंद हो गया।
इस पूरी साजिश के पीछे दो होम्योपैथी डॉक्टरों की भूमिका होने का आरोप है। बताया जाता है कि दसवीं पास राजू को ऐसी तरकीब सुझाई गई थी, जिससे वह कानून की पकड़ से बचा रहे और अपना ट्रेडिंग का कारोबार भी चलाता रहे। मौत का रिकॉर्ड बन गया, मामला बंद हो गया और राजू दुनिया की नजरों में मृत हो गया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। जिस शख्स को सरकारी रिकॉर्ड में मरा हुआ माना जा रहा था, वह सालों बाद जिंदा पकड़ा गया! अब इस कथित फर्जी मौत के पीछे की साजिश, इसमें शामिल लोगों की भूमिका और हत्या के मामले से जुड़े सवाल फिर चर्चा में हैं।



