
नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव (Surya Dev) को ग्रहों का राजा माना गया है। वे हमारी आत्मा, मान-सम्मान, सफलता, ऊर्जा और अनुशासन के कारक हैं। अक्सर हम सोचते हैं कि सूर्य देव की कृपा से सब कुछ अच्छा ही होगा, लेकिन ज्योतिष के अनुसार ऐसा हमेशा नहीं होता। ग्रहों की आपसी मित्रता और दुश्मनी के कारण, कुछ राशियों के लिए सूर्य देव शुभ फल नहीं देते। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वृषभ, तुला, मकर और कुंभ, ये चार ऐसी राशियां हैं, जिन्हें सूर्य का ‘शत्रु’ माना जाता है। आइए जानते हैं कि इन राशियों पर सूर्य का कैसा असर पड़ता है।
1. वृषभ राशि
वृषभ राशि के स्वामी शुक्र देव हैं और ज्योतिष के अनुसार शुक्र व सूर्य में गहरी शत्रुता है। जब सूर्य का अशुभ प्रभाव इस राशि पर पड़ता है, तो इंसान की सुख-सुविधाओं में कमी आने लगती है। घर का माहौल तनावपूर्ण हो सकता है और माता जी की सेहत चिंता का विषय बन सकती है। इतना ही नहीं, बनते हुए काम अचानक बिगड़ जाना और प्रॉपर्टी या गाड़ी से जुड़े विवाद आपको मानसिक रूप से परेशान कर सकते हैं।
2. तुला राशि
तुला राशि में सूर्य को ‘नीच’ का (यानी सबसे कमजोर) माना जाता है।
इस स्थिति में सूर्य देव इस राशि वालों का आत्मविश्वास (Confidence) डगमगा देते हैं। व्यक्ति सही समय पर सही फैसले नहीं ले पाता। समाज में बनी-बनाई इज्जत कम होने का डर सताता रहता है। इसके अलावा, पिता के साथ विचारों का न मिलना या उनकी सेहत खराब होना भी एक बड़ी परेशानी बन सकता है। कई बार सरकारी कामों में भी बेवजह की रुकावटें आती हैं।
3. मकर राशि
मकर राशि के स्वामी शनि देव (Shani Dev) हैं। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। वैसे तो शनि सूर्य के पुत्र हैं, लेकिन ज्योतिष में ये दोनों एक-दूसरे के परम शत्रु माने जाते हैं। इस दुश्मनी का सीधा असर मकर राशि वालों के करियर पर पड़ता है। इन्हें सफलता पाने के लिए बहुत कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। आप कितनी भी मेहनत कर लें, कई बार उसका क्रेडिट (श्रेय) कोई और ले जाता है। ऑफिस में बॉस या उच्च अधिकारियों से रिश्ते बिगड़ सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में हड्डियों या आंखों से जुड़ी बीमारियां भी परेशान कर सकती हैं।
4. कुंभ राशि
कुंभ भी शनि देव की ही राशि है, इसलिए यहां भी सूर्य देव का प्रभाव काफी हद तक नकारात्मक ही रहता है। सूर्य के प्रभाव से कुंभ राशि वालों में कई बार अकेलापन और समाज से कटने की भावना आने लगती है। अगर आप पार्टनरशिप में कोई काम कर रहे हैं, तो उसमें धोखा मिलने के चांस रहते हैं। वैवाहिक जीवन में ‘ईगो’ (अहंकार) की वजह से पति-पत्नी के बीच टकराव बढ़ सकता है। इसके अलावा, अचानक धन-हानि होने का खतरा भी बना रहता है।