News Just Abhi GDA AI tool: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर विकास प्राधिकरण में मानचित्र को लेकर परेशान होना कोई बड़ी बात नहीं है. इसको लेकर आवेदकों की लगातार शिकायतें भी आती रहती है. आवेदकों द्वारा जीडीए में मानचित्र दाखिल करने के बाद एकएक कर कमियां बताई जाती है, जिससे आवेदकों को GDA का चक्कर काटना पड़ता है और उन्हें काफी परेशानी होती है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। GDA ने अब इस समस्या का हल निकाल लिया है.

GDA के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल की पहल पर मानचित्र मित्र AI जल्द ही लाॅन्च किया जाएगा. जिससे आवेदक अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए इस वेब प्लेटफार्म तक पहुंच पाएंगे. यह प्लेटफॉर्म मानचित्र को लेकर सारी कमियां आवेदक को पहले ही बता देगी, जिससे आवेदक एक बार में ही सारी कमियां दूर कर मानचित्र आसानी से पास करा सकेंगे. इससे GDA की आय भी बढ़ेगी. गोरखपुर विकास प्राधिकरण प्रदेश का पहला प्राधिकरण होगा जो इस तरह का प्लेटफार्म उपलब्ध कराएगा.
AI टूल से दूरी होगी समस्या
यह AI आधारित मैप इवैल्यूएशन प्लेटफार्म है. इस तक पहुंचाने के लिए आवेदक को अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर गूगल सर्च कर वेब पर जाना होगा. इसमें महायोजना 2031 और यूपी मॉडल बिल्डिंग बायलाज 2025 के डेटा को फीड किया गया है. पिछले छह महीने के मानचित्र कैंसिल करने के कारणों का विश्लेषण करने के बाद इसे तैयार किया गया है.यानी इसमें लगभग हर वह कारण फीड है, जिसके कारण मानचित्र को निरस्त किया गया होगा.
आवेदकों को मिलेगी मदद
इससे आवेदकों या आर्किटेक्ट को काफी मदद मिलेगी. वह इसकी मदद से मानचित्र तैयार करने के बाद प्री चेकिंग कर सकते हैं. आवेदक प्री चेकिंग करने के बाद अपने मानचित्र और संबंधित दस्तावेज को इस प्लेटफार्म पर अपलोड करेंगे. इसके बाद यह प्लेटफॉर्म AI के माध्यम से अपलोड दस्तावेज और मानचित्र की कमियों को बता देगा, जिससे आवेदक को मानचित्र की कमियों के बारे में जानकारी मिल जाएगी, जिसे वह कमियों को दूर कर सकेगा.
GDA के उपाध्यक्ष ने क्या बताया?
इस व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद आवेदक त्रुटि रहित मानचित्र फास्ट ट्रैक अप्रूवल पर अपलोड कर सकेगा.इस मामले में गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि मानचित्र स्वीकृत के मामले में यह पूरे प्रदेश का पहला रोल मॉडल बनेगा. यह प्लेटफॉर्म ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को एक नहीं ऊंचाई पर ले जाने वाला होगा. इसकी मदद से आवेदकों को काफी सुविधा मिलेगी, साथ ही विकास प्राधिकरण का आय भी बढ़ेगा.
आवेदकों को मानचित्र के लिए दौड़ना नहीं पड़ेगा. नए AI पोर्टल से आसानी से उनका मानचित्र पास हो जाएगा. आवेदक तकनीकी कमियों को भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से आसानी से समझ सकेगा. यह प्लेटफॉर्म यह भी बताएगा कि इन कमियों को कैसे दूर करें. गोरखपुर विकास प्राधिकरण इसे पूर्ण रूप से लागू करने से पहले प्रारंभिक परीक्षण करेगा. परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद इसे पूरी तरह से लागू किया जाएगा.