
आजमगढ़: आतंकी साजिश में एक बार फिर जनपद आजमगढ़ का नाम सामने आया. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 4 कट्टरपंथियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया, जो देश के खिलाफ एक बड़ी साजिश रच रहे थे. ये कट्टरपंथी बिहार, भुवनेश्वर और मुंबई से पकड़े गए हैं. गिरफ्तार कट्टरपंथियों में आजमगढ़ का रहने वाला मोसैब अहमद उर्फ सोनू भी शामिल है. इसके अलावा मोहम्मद हमाद, शेख इमरान और मोहम्मद सोहेल अलग अलग शहर के रहने वाले हैं.
आजमगढ़ का रहने वाला है मोसैब
मोसैब अहमद मूल रूप से आजमगढ़ जिले के महराजगंज थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर आईमा सरदहा गांव का रहने वाला है. 15 से 20 साल पहले ही घर वाले गांव छोड़कर कहीं और रहने लगे थे. काफी दिनों से घर वाले गांव नहीं आते थे. मोसैब के पिता सऊदी अरब में रहते हैं. वहीं, मोसैब की मां जैतुन्निशा वर्तमान समय में आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज थाना क्षेत्र के नसीरपुर में एक खालिदा बानो नामक महिला के मकान में किराये पर रहती हैं.
डेढ़ साल पहले घर आया था बेटा
मोसैब की मां जैतुन्निशा ने बताया कि यहां पर डेढ़ साल पहले उनका बेटा आया था, तब से वह बाहर रह रहा है. आतंकी गतिविधियों को लेकर उसकी मां ने अनभिज्ञता जाहिर की. वहीं, जिले के बिलरियागंज थाना क्षेत्र में नसीरपुर के ग्राम प्रधान अब्बु तालिब ने बताया कि यहां पर 10-15 साल से यह रह रहे, जो रहने वाले सिकंदरपुर आईमा के हैं. किस तरह की गतिविधि रही हैं? यह हम लोगों को जानकारी नहीं है. उनकी मुलाकात बचपन में छोटे पर हुई थी.
दिल्ली पुलिस ने किया था गिरफ्तार
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से चार कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया गया है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इन कट्टरपंथियों का मानना था कि खुरासान से काली झंडियों वाली एक लश्कर (सेना) का उदय होगा, जो भारतीय उपमहाद्वीप और उससे आगे खिलाफत (इस्लामिक स्टेट) की स्थापना करेगी. वे खुद को इस लश्कर में शामिल होने और गजवा-ए-हिंद में भाग लेने के लिए तैयार कर रहे थे. एक आरोपी के पास आईईडी बनाने का सामान भी बरामद किया गया है.