​​पहले 3 तलाक फिर हलाला! महिला ने पति समेत 8 ससुरालियों पर किया मुकदमा दर्ज, UCC लागू होते ही उत्तराखंड में पहला केस​​​

उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद पहला हलाला मामला दर्ज हुआ है. रुड़की की महिला ने पति समेत 8 लोगों पर तीन तलाक, हलाला और दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस ने जांच के बाद समान नागरिक संहिता के तहत अतिरिक्त केस दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है.

पहले 3 तलाक फिर हलाला! महिला ने पति समेत 8 ससुरालियों पर किया मुकदमा दर्ज, UCC लागू होते ही उत्तराखंड में पहला केस

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू होने के बाद अब पहला हलाला का मामला सामने आया है. इस मामले में हरिद्वार जिले के रुड़की में एक महिला ने अपने पति और ससुराल के आठ सदस्यों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने जांच के बाद यूसीसी के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया है. रुड़की के बुग्गावाला थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने 4 अप्रैल को अपने पति दानिश, ससुर सईद, जेठ मोहम्मद अरसद, देवर प्रवेज, जावेद, सास गुलशाना, ननद सलमा और ननदोई फैजान के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। महिला और उनके परिवार का आरोप है कि उनके पति ने तीन तलाक देकर उन्हें छोड़ दिया और फिर हलाला की प्रक्रिया अपनाई गई.

क्या है हलाला?

हलाला एक विवादास्पद प्रथा है, जिसमें तलाकशुदा महिला को दूसरी शादी करनी पड़ती है, फिर उस शादी को खत्म करके पहली शादी दोबारा की जा सके. महिला का कहना है कि उनके साथ इसी तरह का व्यवहार किया गया. पहले महिला ने केवल दहेज उत्पीड़न की शिकायत की थी. पुलिस ने इसकी जांच शुरू की। जांच के दौरान हलाला की बात भी सामने आई. महिला के परिवार वाले पहले से ही नाराज थे कि पुलिस ने यूसीसी की धाराएं शुरू में नहीं लगाईं. अब पुलिस ने पूरी जांच के बाद पुष्टि कर ली है कि मामले में हलाला हुआ था. इसलिए अब समान नागरिक संहिता के तहत भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

पुलिस की कार्रवाई

रुड़की के बड़ा वाला थाना क्षेत्र की यह महिला अब सुरक्षित है. पुलिस ने मामले की गहन जांच की और सबूत जुटाए. एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने यूसीसी के तहत अतिरिक्त मुकदमा दर्ज कर लिया है. साथ ही इस पूरे मामले में पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र (चार्जशीट) भी दाखिल कर दिया है. इससे साफ होता है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा लागू की गई समान नागरिक संहिता अब व्यवहार में आ रही है. UCC का मकसद राज्य में सभी धर्मों के लिए एक समान कानून लागू करना है, ताकि महिलाओं के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा हो सके और पुरानी विवादास्पद प्रथाओं जैसे हलाला, तीन तलाक आदि पर रोक लग सके.

क्यों है चर्चा में?

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद दर्ज किया गया पहला हलाला का केस है. इससे पहले तीन तलाक पर भी कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन हलाला का यह पहला दर्ज मामला माना जा रहा है. पुलिस का कहना है कि वे महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और कानून के अनुसार कार्रवाई पूरी करेंगे. इस घटना से यह उम्मीद भी जाग रही है कि UCC के कारण महिलाएं अब अपनी आवाज उठाने में पहले से ज्यादा सक्षम महसूस करेंगी.

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