भारत में त्योहारी सीजन के दौरान स्मार्टफोन और टेलीविजन की बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं होने से इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दुकानदारों के पास बिना बिके सामान का स्टॉक जमा हो गया है. ऐसे में कंपनियां अगले दो से तीन महीनों में अपने उत्पादन में कटौती करने की तैयारी कर रही हैं. ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां तय योजना के मुकाबले प्रोडक्शन में 20% तक की कटौती कर सकती हैं. इसकी प्रमुख वजह कमजोर मांग और मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतें हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल त्योहारी सीजन में स्मार्टफोन और टेलीविजन की बिक्री की मात्रा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 25% कम रही है. वहीं, जनवरी से सितंबर के दौरान भी इन दोनों श्रेणियों की बिक्री में सालाना आधार पर 10% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई.

कितनी गिर गई स्मार्टफोन और TV की बिक्री?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल त्योहारी सीजन में स्मार्टफोन और टेलीविजन की बिक्री की मात्रा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 25% कम रही है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। वहीं, जनवरी से सितंबर के दौरान भी इन दोनों श्रेणियों की बिक्री में सालाना आधार पर 10% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. त्योहारी सीजन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए बेहद अहम होता है. ओणम से दिवाली तक का समय स्मार्टफोन और टेलीविजन की सालाना बिक्री में करीब 30% योगदान देता है. ऐसे में इस अवधि में कमजोर मांग का असर कंपनियों की कमाई, उत्पादन और रिटेल कारोबार पर पड़ सकता है.
स्मार्टफोन और TV महंगे होने की क्या है वजह?
इस गिरावट की एक बड़ी वजह मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतें हैं. रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 महीनों में मेमोरी की कीमतें दो से तीन गुना तक बढ़ गई हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े डेटा सेंटर और सर्वर की बढ़ती मांग के कारण मेमोरी चिप की सप्लाई पर दबाव पड़ा है. इसका असर सीधे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की लागत पर पड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्टफोन की कीमतों में औसतन 3540% और टेलीविजन की कीमतों में 2025% तक बढ़ोतरी हुई है. इससे खासकर बजट और मिडरेंज सेगमेंट के ग्राहकों की खरीदारी क्षमता प्रभावित हुई है.
टीवी बनाने वाली कंपनियों पर भी दबाव
टेलीविजन कंपनियां भी कमजोर मांग और महंगे कंपोनेंट की दोहरी चुनौती का सामना कर रही हैं. Haier India के CEO सतीश एनएस ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि पिछले साल के त्योहारी सीजन की तुलना में टेलीविजन की बिक्री में करीब 15% की गिरावट आई है. इसके अलावा, 32 से 43 इंच के टीवी में इस्तेमाल होने वाले मेमोरी चिप युक्त प्रिंटेड सर्किट बोर्ड की कीमत इस साल बढ़कर 80 डॉलर हो गई है. सप्लायर्स को जनवरीफरवरी तक इसके 110 डॉलर तक पहुंचने की आशंका है. Sony India के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील नायर ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि 65 इंच से बड़े टीवी की बिक्री में कंपनी को बढ़त मिली है, लेकिन 55 इंच और उससे छोटे टीवी की श्रेणी में दबाव बना हुआ है.
कंपनियां प्रोडक्शन क्यों घटा रही हैं?
जब बाजार में मांग कम हो जाती है और दुकानदारों के पास पहले से काफी सामान जमा हो जाता है, तो कंपनियों के लिए उत्पादन जारी रखना महंगा साबित हो सकता है. इससे गोदामों में स्टॉक बढ़ने और कंपनियों की पूंजी फंसने का खतरा रहता है. इसी वजह से कंपनियां अगले दो से तीन महीनों में उत्पादन घटाकर बाजार में मौजूद अतिरिक्त स्टॉक को कम करना चाहती हैं. उत्पादन में कटौती से कंपनियां मांग और सप्लाई के बीच संतुलन बनाने के साथ अपने खर्च को नियंत्रित करने की कोशिश करेंगी. जैना ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप जैन ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि स्मार्टफोन का उत्पादन करीब 20% घट सकता है. हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि अगले साल ग्राहक पुराने डिवाइस बदलने लगेंगे, जिससे बाजार में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है.



