वाराणसी दालमंडी प्रोजेक्ट: 49 भवन और 6 मस्जिदें बचीं, प्रशासन ने तय की डेडलाइन​

News Just Abhi Varanasi News: दालमंडी में आज 12 भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई. इसके साथ ही अब तक दालमंडी में 132 भवन ध्वस्त हो चुके हैं. अब 49 भवन और आधा दर्जन मस्जिदें ही बची हैं, जिन पर कार्रवाई होनी है. टीवी9 डिजिटल से हुई बातचीत में PWD के एक्सईएन के.के सिंह ने बताया कि दालमंडी को लेकर अब कोई मामला हाईकोर्ट में नहीं है. जर्जर भवनों को लेकर कुछ लोग हाई कोर्ट गए थे. कोर्ट ने ये निर्देश दिया था कि इन लोगों के प्रत्यावेदन सुनकर इनका निस्तारण किया जाए.

वाराणसी दालमंडी प्रोजेक्ट: 49 भवन और 6 मस्जिदें बचीं, प्रशासन ने तय की डेडलाइन​

इस पर एक कमेटी बनी, जिसने इन सभी लोगों के प्रत्यावेदन को सुना और फिर उनका निस्तारण भी किया. कमेटी ने नगर निगम के कुछ लोगों को और वीडीए के 31 लोगों को नोटिस भी दिया. 14/15 जून को नगर निगम द्वारा घोषित जर्जर मकानों पर और 23/24 जून को वीडीए द्वारा घोषित जर्जर मकानों पर कार्रवाई की जाएगी. अब तक 132 भवनों पर कार्रवाई की गई है और 56 करोड़ रुपए मुआवजा दिया गया है. 49 भवन और आधा दर्जन मस्जिदें अभी भी बची हुई हैं. उम्मीद है कि 30 जून तक हम उनको भी खाली करा लेंगे.

मस्जिदों को लेकर एक हफ्ते में निर्णय ले लेंगे

दालमंडी में जो आधा दर्जन मस्जिदें चौड़ीकरण की जद में आ रही हैं, उनको लेकर एक हफ्ते में निर्णय हो जाएगा. PWD के एक्सईएन के.के सिंह ने बताया कि प्रशासन और मस्जिद कमेटी के लोगों के बीच लगातार बातचीत चल रही है. जल्द ही यानी कि हफ्ते भर में ही हम निर्णय ले लेंगे. एक्सईएन के.के सिंह ने दो टूक यह भी कह दिया कि मस्जिद के बदले हम जमीन नहीं देंगे. मस्जिद के बदले क्षतिपूर्ति दी जाएगी.

एक्सईएन के.के सिंह ने कहा कि सभी मस्जिदों के पास उनकी अपनी जमीन भी है और ध्वस्तीकरण के बाद भी उनके पास जगह बचेगी. सभी मस्जिदों का हिस्सा इस चौड़ीकरण में जा रहा है. ये 10 प्रतिशत से लेकर अस्सी प्रतिशत तक के बीच है. हम क्षतिपूर्ति देंगे. इसका मतलब है कि कंस्ट्रक्शन कॉस्ट जो भी होगा हम देंगे. कारीगर, लेबर या मशीनरी संबंधी जो भी मदद मस्जिद कमेटी के लोग चाहेंगे, वो हम पूरी करेंगे.

मस्जिद कमेटी और प्रशासन में बातचीत

दालमंडी में निर्णायक कार्रवाई की तारीख जैसेजैसे करीब आती जा रही है, वैसेवैसे दालमंडी में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. ACP दशास्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि मस्जिदों को लेकर कमेटी और प्रशासन के बीच बातचीत अंतिम दौर में है. इसको देखते हुए सोशल मीडिया पर सतर्कता बढ़ा दी गई है. साथ ही लोकल इन्वेस्टिगेशन को भी अलर्ट कर दिया गया है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। पैरामिलिट्री फोर्स और PAC के साथसाथ कई थानों की फोर्स दालमंडी में लगी हुई है.

जो मस्जिदें दालमंडी के चौड़ीकरण की जद में आ रही हैं, उनमें…

  • लंगड़ा हाफिज मस्जिद .
  • करीमुल्ला बेग मस्जिद .
  • संगमरमर वाली मस्जिद.
  • निसारन मस्जिद.
  • अली रजा मस्जिद.
  • रंगीले शाह मस्जिद.

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