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दोनों हादसे के बाद से संपर्क में नहीं

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए स्लीपर बस अग्निकांड के बाद महोबा के भाजपा जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता और उनका 25 वर्षीय बेटा शशांक गुप्ता भी लापता बताए जा रहे हैं. दोनों गुरुग्राम से महोबा के लिए इसी बस में सफर कर रहे थे. परिवार के मुताबिक, बुधवार रात करीब 9:36 बजे शशांक की अपने पिता नीरज गुप्ता से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए.

हादसे की जानकारी मिलने के बाद से परिवार, रिश्तेदार और पुलिस लगातार मां-बेटे की तलाश में जुटे हैं, लेकिन फिलहाल उनकी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. प्रशासन ने हादसे में मारे गए 9 यात्रियों में से 6 की पहचान कर ली है, जबकि तीन शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. ऐसे में परिवार को अब प्रशासन की ओर से मिलने वाली पहचान संबंधी जानकारी का इंतजार है.

20 यात्रियों की बची जान

दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से नौ लोगों की जलकर मौत हो गई थी, जबकि 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. पुलिस के अनुसार, छह मृतकों की पहचान हो गई है.

ग्रेटर नोएडा के डीसीपी रवि शंकर नीम ने बताया कि मृतकों की पहचान मध्य प्रदेश के छतरपुर की रहने वाली 31 वर्षिय कुमारी श्रुति रावत, हमीरपुर की रहने वाली 65 वर्षिय उषा देवी, जालौन के रहने वाले 55 वर्षिय हर शरण गुप्ता, हरियाणा में हिसार के रहने वाली 61 वर्षिय देवेंद्र भारद्वाज, हमीरपुर की रहने वाली 52 वर्षिय सरोज गुप्ता और हमीरपुर के रहने वाली 28 वर्षिय मयंक गुप्ता के रूप में हुई है.

कुछ शव इतने जल चुके कि पहचान करना मुश्किल

ग्रेटर नोएडा के डीसीपी रवि शंकर नीम ने बताया कि कुछ शव इतने जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना काफी मुश्किल हो रहा है. उन्होंने बताया कि कुछ लोगों की पहचान कराने के लिए पुलिस डीएनए परीक्षण करवाने पर विचार कर रही है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की. डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने चालक और परिचालक को गिरफ्तार कर लिया है.

शुरुआती जांच के मुताबिक, बस में जलने की गंध आने पर यात्रियों ने शोर मचाया और चालक से बस रोकने को कहा, लेकिन चालक और परिचालक ने कथित तौर पर ऐसा करने से इनकार करते हुए कहा, अगर मरना है तो मर जाओ, हम बस नहीं रोकेंगे.

क्यों लगी आग?

शुरुआती जांच से पता चला है कि बस की एयर-कंडीशनिंग प्रणाली में चिंगारी या धमाके की वजह से इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग लग गई होगी, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई. अपर जिलाधिकारी (एडीएम) अजीत कुमार सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि यह घटना बुधवार रात करीब 11 बजकर 20 मिनट पर हुई.

उन्होंने कहा, आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी. बस में 35 यात्री सवार थे और इस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई. प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को विशेष वाहन से महोबा ले जाया गया. उन्होंने बताया, करीब 15 लोगों को विशेष वाहन से महोबा भेजा गया, जबकि कुछ लोग निजी वाहनों से चले गए. एक महिला अभी अस्पताल में भर्ती है और आरोग्य अस्पताल में उसका उपचार हो रहा है.