David Petraeus Drone Warfare: आधुनिक युद्ध में ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका को लेकर अमेरिका की खुफिया एजेंसी ) के पूर्व निदेशक जनरल डेविड पेट्रियस ने बड़ी चेतावनी दी है।

नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड समिट 2026 में उन्होंने कहा कि युद्ध लड़ने के पारंपरिक तरीके तेजी से अप्रभावी हो रहे हैं। दुनिया की सेनाओं को नई तकनीक के अनुसार खुद को बदलना होगा।

रूसयूक्रेन युद्ध से बदली रणनीति

डेविड पेट्रियस के मुताबिक, रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष ने आधुनिक युद्ध की तस्वीर बदल दी है। अब ड्रोन के जरिए सैनिकों, टैंकों और सैन्य ठिकानों की पहचान कर हमला किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि ड्रोन हमलों के खतरे से बचने के लिए कई सैनिक भूमिगत ठिकानों में रहते हैं। उनके लिए जरूरी सामान पहुंचाने में भी मानव रहित वाहनों का इस्तेमाल बढ़ रहा है।

AI से फैसले ले सकेंगे ड्रोन!

पूर्व CIA निदेशक ने कहा कि आने वाले समय में ऑटोनॉमस ड्रोन युद्ध के मैदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। ये सिस्टम मानवीय नियंत्रण के बिना भी कुछ फैसले लेने में सक्षम हो सकते हैं।

हालांकि, ऐसी तकनीक अभी परीक्षण के शुरुआती चरण में है।

पेट्रियस ने कहा कि सैन्य तकनीक में बदलाव के लिए पांच साल इंतजार नहीं किया जा सकता। सेनाओं को एक साल के भीतर बड़े सुधार शुरू करने होंगे। उन्होंने सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर लगातार अपडेट करने की जरूरत बताई।

बिना बड़ी नौसेना के रूस को चुनौती

पेट्रियस के अनुसार, यूक्रेन ने समुद्री ड्रोन की मदद से रूस के ब्लैक सी फ्लीट को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि रूस के एकतिहाई से ज्यादा युद्धपोत डुबोए जा चुके हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में केवल महंगे हथियारों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। कम लागत वाले ड्रोन, AI और तेज तकनीकी बदलाव युद्ध के परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें