
बैतूल में एक साथ उठीं अर्थियां
मध्य प्रदेश के बैतूल से खाटू श्याम जा रहे श्रद्धालुओं की सड़क हादसे में मौत के बाद मातम पसरा हुआ है. रविवार को सभी श्रद्धालुओं के शव उनके गांव पहुंचे. उस समय कहीं बाप-बेटी की अर्थी एक साथ उठी तो कहीं पति-पत्नी की चिता एक साथ सजाई गई. यह दृष्य देखकर पूरा गांव ही रो पड़ा. गांव वालों के मुताबिक इस हादसे ने कई परिवारों को ऐसा जख्म दिया कि वह कभी भर नहीं पाएगा.
बैतूल के मुलताई क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में रविवार को शवों के अंतिम संस्कार के दौरान बेहद भावुक दृश्य देखने को मिले. जिन परिवारों में धार्मिक यात्रा से लौटने वाले अपनों का इंतजार कर रहे थे, उनके घर में मातम पसरा था. रो-रोकर परिवार वालों के आंसू सूख चुके थे. रही सही कसर एक साथ उठी कई अर्थियों ने पूरी कर दी. इसे देखकर वहां मौजूद लोग भी रो पड़े.
टूट पड़ा दुखों का पहाड़
इस हादसे में मुलताई क्षेत्र के खेड़ी रामोसी गांव में कृष्ण राव घोड़की और उनकी बेटी त्रिशा की मौत हुई है. दोनों खाटू श्याम दर्शन के लिए राजस्थान गए थे. कृष्ण राव सहकारी बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे, जबकि त्रिशा पढ़ाई कर रही थी. रविवार को दोनों का शव गांव पहुंचा. दोनों की चिता एक साथ सजाई गई और एक साथ अंतिम संस्कार हुआ.
एक साथ उठी पति-पत्नी की अर्थी
हादसे ने मुलताई क्षेत्र के सिरखेड़ गांव के रहने वाले 68 वर्षीय राजकुमार बोड़खे और उनकी 55 वर्षीय पत्नी अनीता बोड़खे की मौत हुई है. इनके शव भी रविवार को गांव में पहुंचे. शोक में डूबे परिजनों और ग्रामीणों ने भारी मन से इन्हें अंतिम विदाई दी. घर से पति-पत्नी की अर्थियां एक साथ निकलते देखकर गांव के लोग भी रो पड़े. एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार हुआ.
टीचर को भी दी अंतिम विदाई
राजस्थान सड़क हादसे में घाट बिरोली गांव की शिक्षिका अरुणाताई झरबड़े की भी मौत हुई है. रविवार को उनका शव गांव पहुंचने पर उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उन्हें अंतिम विदाई दी. वर्धा नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले ओम सूर्यवंशी और वैष्णवी गावंडे का भी उनके गांवों में अंतिम संस्कार किया गया.



