Akhilesh Yadav Son And Daughter In Varanasi: उत्तर प्रदेश की सियासत से जुड़ी एक बड़ी तस्वीर धर्मनगरी काशी से सामने आई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पुत्र अर्जुन यादव और पुत्री टीना यादव ने शनिवार को बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। उनके साथ सांसद प्रिया सरोज भी मौजूद रहीं। दर्शनपूजन के बाद उन्होंने बनारस की मशहूर मिठाई का स्वाद भी चखा।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिविधान से संपन्न हुई पूजा
शनिवार को अर्जुन यादव, टीना यादव और सांसद प्रिया सरोज श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, जहां मंदिर के अर्चकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिविधान से उनका पूजन संपन्न कराया। तीनों ने बाबा विश्वनाथ के चरणों में माथा टेककर प्रदेश और देश की सुखसमृद्धि की कामना की। दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।
बनारसी मीठे का लिया स्वाद
पूजा अर्चना के बाद अर्जुन यादव और टीना यादव मंदिर से बाहर निकले और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मनीष यादव के साथ शहर की एक प्रसिद्ध मिष्ठान की दुकान पहुंचे। अखिलेश यादव के बच्चों को जौनपुर के मछली शहर से समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने बनारस घुमाया और दर्शन व पूजा अर्चना भी करवाया।
इस दौरान अखिलेश के दोनों बच्चे संकट मोचन मंदिर भी गए और वहां विधि विधान से दर्शन पूजन करके वे सीधे गंगा घाट पहुंचे।
एक घंटे तक गंगा की लहरों पर देखी बनारस की खूबसूरती
जहां नाव पर सवार होकर उन्होंने लगभग एक घंटे तक गंगा की लहरों पर बनारस की खूबसूरती देखी और उसका आनंद लिया। वहां दोनों ने का स्वाद लिया और स्थानीय लोगों से मुलाकात भी की। उनकी एक झलक पाने के लिए समर्थकों और राहगीरों की भारी भीड़ भी दिखाई दी। इस दौरान टीना यादव नाव पर रील बनाती और सेल्फी लेती भी दिखाई दी।
समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष विष्णु यादव ने दी जानकारी
उनके इस दौरे का बारें में जानकारी देते हुए के महानगर अध्यक्ष विष्णु यादव ने बताया कि रविवार की शाम अखिलेश यादव के दोनों बच्चे वाराणसी आए थे। जहां वे एक होटल में रुके। उनके साथ सांसद प्रिया सरोज भी रही। उन्होंने ही दोनों को रिसीव किया और इन्हें लेकर सीधे विश्वनाथ मंदिर पहुंचे।
धार्मिक आस्था और बनारस की संस्कृति से जुड़ी इस यात्रा की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं। राजनीतिक हलकों में भी इस दौरे को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि यह दौरा पूरी तरह धार्मिक और निजी बताया जा रहा है।



