Delhi Crime News: राजधानी दिल्ली के दक्षिणपूर्व जिले के सनलाइट कॉलोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत किलोकरी गांव में मणिपुर के 54 वर्षीय म्यूजिशियन चांगफाम विक्रम सिंह की पीटपीटकर की गई दर्दनाक हत्या के मामले में पुलिस की FIR कॉपी से कई चौंकाने वाले और खौफनाक खुलासे हुए हैं. पुलिस ने मृतक के 20 वर्षीय बेटे याइफाबा के बयान के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. मृतक के बेटे याइफाबा नोएडा के एशियन लॉ कॉलेज से BA.LLB की पढ़ाई कर रहे हैं. उन्होंने पुलिस को दिए अपने बयान में पूरी आपबीती बयां की.

6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे याइफाबा अपने किलोकरी गांव स्थित मकान में मौजूद थे. अचानक बाहर से उनके पिता चांगफाम विक्रम सिंह के चिल्लाने की आवाज आई. जब बेटे ने दरवाजा खोलकर बाहर देखा, तो 4 से 5 लड़के उनके पिता को लातघूंसों से बेरहमी से पीट रहे थे. बेटे के शोर मचाने पर हमलावर मौके से फरार हो गए, लेकिन भागते समय बेटे ने उनके चेहरे देख लिए थे.

वारदात के तुरंत बाद याइफाबा अपनी मां जोशना चोंगथम और पड़ोसी राडो के साथ अपने पिता को टैक्सी से न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित होली फैमिली अस्पताल ले गए. अस्पताल ले जाते समय टैक्सी में ही घायल पिता ने बेटे को बताया कि हमला करने वाले सभी लड़के नीचे सामने वाले ढाबे से आए थे. पिता ने पहले भी उन लड़कों को वहां शराब पीने और शोरशराबा करने से मना किया था, जिसको लेकर वे उन्हें लगातार धमकियां दे रहे थे. इसके बाद रास्ते में ही वे बेहोश हो गए.

इलाज के दौरान विक्रम सिंह की मौत

FIR के मुताबिक, पुलिस अधिकारी जब अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने घायल विक्रम सिंह को बेहोशी की हालत के कारण बयान देने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया, जिसके चलते उनका मृत्युपूर्व बयान दर्ज नहीं किया जा सका. अगली सुबह करीब 10:02 बजे अस्पताल से सूचना मिली कि इलाज के दौरान विक्रम सिंह की मौत हो गई है.

AIIMS में पोस्टमार्टम और पुलिस कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स अस्पताल भिजवाया गया. जांच अधिकारी एएसआई वीरेंद्र की तहरीर पर सनलाइट कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के हवाले कर दी गई है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। भारतीय न्याय संहिता , 2023 की धारा 103 /3 के तहत मामला दर्ज हुआ है. पुलिस ढाबे के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार हमलावरों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.